नई दिल्ली:– वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए अब एल्युमीनियम के कोच बनाने की तैयारी है। इससे ट्रेनों की स्पीड बढ़ने के साथ ही इन डिब्बों की उम्र भी अधिक होगी। एल्युमीनियम से बने कोच हल्के, कम मेंटिनेंस वाले, टिकाऊ और अधिक स्पीड वाले होंगे।
अमेरिका, जापान, चीन और फ्रांस की तरह भारतीय रेलवे में भी ट्रेनों के डिब्बों को स्टेनलेस स्टील और लोहे की बजाए एल्युमीनियम का बनाने पर काम किया जा रहा है। जिससे ट्रेनों की स्पीड तो बढ़ेगी ही साथ ही एल्युमीनियम से बने होने की वजह से इन डिब्बों की उम्र भी अधिक होगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि एक्सट्रूजन तकनीक से बने एल्युमीनियम अलॉय (मिश्र धातु) के यह कोच भारत में खासतौर से वंदे भारत ट्रेनों के लिए बहुत अधिक उपयोगी होंगे।
इस तरह के कोच सेमी हाई स्पीड और हाई स्पीड ट्रेनों के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। भारत में भी मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलने वाली जापान की जो शिनकानसेन बुलेट ट्रेन आएगी, वह भी एल्युमीनियम अलॉय से बनी होगी। अधिकारियों का कहना है कि एल्युमीनियम से बने कोच हल्के होते हैं। एल्युमीनियम से बने कोच हल्के, कम मेंटिनेंस वाले, टिकाऊ और अधिक स्पीड वाले होंगे। हल्के होने की वजह से ऐसा नहीं है कि यह मजबूत नहीं होंगे, बल्कि यह अधिक मजबूत होंगे। इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि इससे इनकी स्पीड काफी बढ़ जाती हैं। यह अधिक स्पीड वाली ट्रेनों के लिए ही बेहतर होते हैं।
ट्रेनों की स्पीड
इस तरह के कोच बनाने के लिए रायबरेली में रेलवे की मॉर्डन कोच फैक्ट्री (MCF) समेत अन्य फैक्ट्रियों में भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। जिसमें भारत में ही विदेशी तकनीक के साथ हाथ मिलाते हुए एल्युमीनियम कोच बनाने पर काम किया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि अभी यह तो साफ नहीं है कि पहला पैसेंजर एल्युमीनियम कोच कब तक आएगा, लेकिन इसे बनाने को लेकर रेलवे बहुत गंभीर है। खासतौर से जिस तरह से अब देश में मुंबई- अहमदाबाद के बाद सात नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर बनाने का ऐलान करने और लगातार ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने पर काम किया जा रहा है।
एल्युमीनियम कोच के फायदे
अमेरिका, जापान, चीन और फ्रांस की तरह होंगे भारतीय रेल के कोच
स्टील और लोहे की बजाए एल्युमीनियम के कोच बनाने पर हो रहा काम
एल्युमीनियम से बने होने की वजह से इन डिब्बों की उम्र भी अधिक होगी
यह कोच खासतौर से वंदे भारत ट्रेनों के लिए बहुत अधिक उपयोगी होंगे
स्पीड बढ़ाने की तैयारी
इस बीच रेलवे अपने बेड़े में सेमी हाई स्पीड ट्रेनों की स्पीड और बढ़ाने की योजना बना रहा है। इसके लिए हाल ही में चैन्ने रेल कोच फैक्ट्री को 220 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली दो ट्रेन बनाने के लिए कहा गया है। वर्तमान समय में रेलवे के पास वंदे भारत ट्रेन सबसे तेज चलने वाली ट्रेन है। जिसकी स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटे की है।
लेकिन अब इससे एक कदम और आगे चलते हुए रेलवे 220 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली सेमी हाई स्पीड ट्रेन बनाने पर काम कर रहा है। जिसकी ऑपरेशनल स्पीड 200 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। शुरुआत में दो ट्रेन बनाने की बात की जा रही है
