नई दिल्ली:– शकुन शास्त्र एक ऐसी ज्योतिष विद्या है, जिसमें रोज़मर्रा की घटनाओं से भविष्य के संकेत माने जाते हैं। इसके अनुसार, शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर छिपकली गिरना शुभ या अशुभ संकेत दे सकता है, जो स्थान के अनुसार अलग-अलग अर्थ रखता है। चलिए जानते हैं कि इस विषय में शकुन शास्त्र क्या कहता है?
किन जगहों पर छिपकली गिरना शुभ?
माथे, गर्दन पर गिरना
अगर आपके माथे पर छिपकली गिरती है, तो यह धन और संपत्ति का संकेत हो सकता है। छिपकली का गर्दन पर गिरना मान-सम्मान में वृद्धि का संकेत माना गया है।
दाहिने कंधे पर गिरना
शकुन शास्त्र के मुताबिक छिपलकी का दाहिने कंधे पर गिरना विजय प्राप्ति का संकेत माना गया है।
दाहिने हाथ पर गिरना
अगर आपके दाहिने हाथ पर छिपलकी गिरती है, तो यह धन लाभ का संकेत माना जाता है। गाल, पेट और बाएं कान पर भी छिपकली का गिरना एक शुभ संकेत के रूप में देखा जाता है।
दाएं पैर छिपकली गिरना आपके लिए यात्रा पर जाने का संकेत हो सकता है।
किन अंगों में गिरना माना जाता है अशुभ
बाएं कंधे और सिर पर गिरना
अगर बाएं कंधे पर गिरती है, तो शकुन शास्त्र में इसे एक अशुभ संकेत माना गया है, जो नए शत्रु बनने की आशंका से जोड़कर देखा जाता है। वहीं अगर छिपकली आपके सिर पर गिरती है, तो यह भी एक अशुभ संकेत के तौर पर देखा जाता है, जो विवाद या बीमारी का संकेत हो सकता है।
पुरुष और महिला दोनों के लिए संकेत
शकुन शास्त्र में बताया गया है कि शरीर पर छिपलके के गिरने के स्त्री और पुरुषों के लिए अलग-अलग संकेत हो सकते हैं। पुरुषों के लिए शरीर के दाहिने हिस्से और महिलाओं के बाएं हिस्से पर छिपकली का गिरना शुभ माना गया है।
वहीं इसके विपरीत यदि पुरुषों के बाएं और महिला के दाएं हिस्से पर छिपकली गिरती है, तो इसके प्रतिकूल प्रभाव मिल सकता है।
छिपकली के गिरने के बाद क्या करें?
छिपकली एक जहरीला जीव है, इसलिए इसके गिरने पर तुरंत स्नान करना चाहिए और भगवान का स्मरण करना चाहिए। इसके साथ ही अपशकुन से बचने के लिए आप इस मंत्र का 21 या 108 बार जप करें –
ॐ नमः शांते प्रशांते ॐ,
हीं हीं सर्व क्रोध प्रशमनी स्वाहा।
