छत्तीसगढ़:- देवदा में स्थित सिमांस मेंटल हॉस्पिटल में एक मानसिक रूप से बीमार मरीज ने दूसरे मरीज की हत्या कर दी, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं पीड़ित के परिवार ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के पास ग्राम देवादा स्थित सीमांस मेटल हॉस्पिटल में एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक मानसिक रोगी ने अस्पताल में भर्ती दूसरे मरीज की हत्या कर दी. इस वारदात के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. इस घटना ने अस्पताल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अस्पताल परिसर के ठीक भीतर इलाज करा रहे एक मरीज की हत्या को सुरक्षा में एक बड़ी चूक के तौर पर देखा जा रहा है. परिवार वालों ने भी इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
दस दिन पूर्व हुई इस घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा घटना की सूचना भी घटना घटित होने के पांच घंटों बाद दी. मेंटल हॉस्पिटल जैसी संवेदनाशील जगह पर CCTV भी नहीं लगाया गया था. इस मामले में अस्पताल प्रबंधन की ओर से के एम एस खान द्वारा दलील दी गई कि अस्पताल ने रेनोवेशन का कार्य चलने की वजह से CCTV निकाले गए थे. घटना के वक्त गार्ड और अन्य स्टाफ थे. लेकिन बड़ा सवाल है कि यदि गार्ड और स्टाफ के लोग मौजूद थे तो इतनी बड़ी वारदात आखिर कैसे हो गई?
परिजनों ने की मुआवजे की मांग
घटना की सूचना पर अस्पताल पहुंचे मृतक कामता प्रसाद के परिजनों द्वारा हॉस्पिटल में जमकर हंगामा किया गया. पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों द्वारा समझाइश देने के बाद परिजन शांत हुए. परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से 20 लाख रुपए मुआवजे के तौर पर देने की मांग की है. पुलिस ने हत्या करने वाले मनोरोगी आत्मा राम का मेडिकल टेस्ट कराया, मेडिकल जांच दौरान उसकी मानसिक स्थिति सामान्य बताई गई है. मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया. न्यायालयीन आदेश के बाद आरोपी को जेल भेजा गया. अस्पताल प्रबंधन का कहना था कि आत्माराम ने वार्ड में भर्ती मनोरोगी कामता प्रसाद की हत्या मोबाइल फोन से मारकर की.
जांच में जुटी पुलिस
राजनादगांव के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर का कहना है कि मामले में मेंटल अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही और नर्सिंग होम एक्ट उल्लंघन को लेकर कार्रवाई की तैयारियां की जा रही है. बहरहाल इस मामले में पुलिस की जांच जारी है. पुलिस को शक है कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा मामले में कुछ तथ्य छुपाने और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की गई है.
