केरल :– त्रिशूर जिले में मंगलवार को पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट हुआ। इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के त्रिशूर में पटाखा फैक्ट्री हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
प्रधानमंत्री ने राहत राशि का भी ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जबकि घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।
कैसे हुआ धमाका?
जानकारी के मुताबिक, धमाका दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ। फैक्ट्री के शेड में उस समय करीब 40 लोग मौजूद थे। बताया जा रहा है कि यहां त्रिशूर पूरम के लिए आतिशबाजी के सैंपल तैयार किए जा रहे थे। अचानक आग लगने के बाद जोरदार विस्फोट हो गया।
धमाके के बाद फायर ब्रिगेड, पुलिस और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं। लेकिन बार-बार हो रहे छोटे-छोटे विस्फोटों के कारण बचाव कार्य में दिक्कत आई। मौके पर फैले धुएं और आग ने हालात और मुश्किल बना दिए।
कुछ लोगों के शरीर के हिस्से मिले
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, मौके से 5 शव बरामद हुए, जबकि कुछ लोगों के शरीर के हिस्से भी मिले। कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनमें से कुछ की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।
कई किलोमीटर दूर तक गूंजी आवाज
विस्फोट इतना तेज था कि इसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। आसपास के लोगों को पहले लगा कि भूकंप आ गया है। बाद में उन्हें पता चला कि यह पटाखा फैक्ट्री में धमाका था।
प्रशासन अलर्ट, CM ने दिए निर्देश
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ डॉक्टरों को भी बुलाने के लिए कहा गया है। प्रशासन ने त्रिशूर मेडिकल कॉलेज समेत आसपास के अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है।
प्रारंभिक जांच में बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री के भंडारण और सुरक्षा मानकों में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, विस्फोट के सही कारणों की जांच अभी जारी है।
इलाके में दहशत
हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घटनास्थल के आसपास न जाएं। इस घटना ने एक बार फिर पटाखा फैक्ट्रियों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
