छत्तीसगढ़:- सिर्फ अपनी संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि अपने सेहतमंद और पारंपरिक खान-पान के लिए भी जाना जाता है. यहां का भोजन सरल, पौष्टिक और स्थानीय सामग्री से तैयार होता है, जो शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ बीमारियों से भी बचाने में मदद करता है. छत्तीसगढ़ में इन दिनों पारा तेजी से चढ़ रहा है. तेज धूप और उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल हैं. गर्मी से राहत पाने के लिए लोग बाजार में मिलने वाले सॉफ्ट ड्रिंक्स का सेवन कर रहे, लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है. ऐसे में छत्तीसगढ़ के आदिवासी समुदाय के लोग खास पेय पीते हैं, जो गर्मियों में शरीर में ठंडक बनाए रखती है. ये पारंपरिक पेय न केवल स्वाद में अलग है, बल्कि सेहत के लिहाज से भी फायदेमंद माना जाता है.
पेय शरीर को हाइड्रेटेड रखने और थकान दूर करने में मदद करता है. कई लोग इसे ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में भी मददगार मानते हैं. लोगों का कहना है कि डायबिटीज के मरीजों के लिए इसे ‘रामबाण’ कहा जाता है. इस जादुई ड्रिंक का नाम है मंडिया पेज. मंडिया पेज को एक हेल्दी ड्रिंक माना जाता है.
शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में इसकी मांग, विशेष रूप से गर्मियों के मौसम की शुरुआत के साथ ही काफी बढ़ जाती है. रागी से तैयार किया जाने वाला यह ड्रिंक काफी हेल्दी माना जाता है.
बस्तर के ग्रामीण इलाकों में मंडिया पेज किसी लस्सी या कोल्ड ड्रिंक से कम नहीं है. शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ यह कई बीमारियों के लिए रामबाण का काम करता है. खास तौर पर उन लोगों के लिए जिन्हें कैल्शियम की कमी या डायबिटीज की समस्या है. इसके जबरदस्त फायदों को देखते हुए बस्तर के ज्यादातर लोग गर्मियों के मौसम में मांडिया पेज पीना ही पसंद करते हैं.
मंडिया पेज को शरीर को ताकत देने के साथ-साथ डायबिटीज के मरीजों के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. कैल्शियम और विटामिन C से भरपूर होने के कारण यह शरीर को कई महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करता है. आदिवासी क्षेत्रों में महिलाओं, पुरुषों, छोटे बच्चों और बुज़ुर्गों सभी के लिए मंडिया पेज का सेवन करना एक आम बात है.
रागी से बनने वाला यह ड्रिंक कई फायदेमंद गुणों से भरपूर है. यह ऊर्जा बढ़ाने वाले पारंपरिक पेय पदार्थों का एक बेहतरीन विकल्प है. शरीर के तापमान को नियंत्रित करने के साथ-साथ यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में भी मदद करता है. इसमें विशेष रूप से अमीनो एसिड, कैल्शियम, आयरन, ग्लूकोज, प्रोटीन और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता हैं.
मंडिया पेज बनाना बेहद आसान है. रागी को पीसकर उबले हुए चावल के बचे हुए पानी में मिला दिया जाता है, जिसके बाद इस मिश्रण को दो से चार दिनों के लिए एक ढके हुए बर्तन में रख दिया जाता है. जब इस सूप में खट्टापन आ जाता है, तो यह पीने के लिए तैयार हो जाता है. यह न केवल शरीर को ठंडक पहुंचाता है, बल्कि इसे पीने से पूरे दिन की कड़ी मेहनत के बाद यह बेहद ताजगी भरा भी महसूस होता है.
