नई दिल्ली:– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के बाद की एक तस्वीर पर विपक्ष हमलावर हो गया है। कई नेताओं ने फोटो शेयर करते हुए आरोप लगाया कि पीएम मंदिर परिसर में जूते पहनकर घूम रहे हैं।
पीएम मोदी 29 अप्रैल को वाराणसी दौरे पर थे। इस दौरान वे काशी विश्वनाथ दर्शन करने भी गए थे। अब विपक्षी पार्टियों ने एक तस्वीर शेयर करते हुए आरोप लगाया है कि पीएम जूता पहनकर मंदिए गए हैं। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद सोशल मीडिया पर आरोपों की बाढ़ आ गई। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि क्या वाकई पीएम जूते पहनकर मंदिर परिसर में दिखाई दिए या मामला कुछ और है।
बच्चों से बात कर रहे थे पीएम
दरअसल पीएम मोदी की ये तस्वीर तब की है जब वे मंदिर से बाहर निकले थे, तभी उनको कुछ बच्चे दिखाई दिए। पीएम उनसे बात कर रहे थे। उस समय पीएम के पैरों में जूते थे। मंदिर परिसर में जाने और आने के लिए कई मार्ग हैं। जब पीएम मोदी दर्शन करके बाहर निकले तो वे शंकरचार्य चौक से ललिता घाट की तरफ जा रहे थे।
जहां पीएम मोदी खड़े होकर बच्चों से बात कर रहे थे उस जगह पर जूते-चप्पल पहनकर जाने में कोई रोक-टोक नहीं है। पीएम से मिलने वाले बच्चे मंदिर के गर्भगृह की तरफ दर्शन जा रहे थे। ऐसे में यह जरुरी है कि वो बच्चे बिना चप्पल जूते के जाएं। इससे ये बात पुष्ट होती है कि पीएम मोदी ने जूते वहां तक ही पहने जहां तक पहनने का नियम है।
क्या है मंदिर की नियमावली?
काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर के किसी भी दरवाजे से प्रांगण में प्रवेश करने के बाद गर्भगृह के ठीक बाहर वाले एरिया में जूते चप्पल पहनने की मनाही है। इसके ठीक पहले ही जूते-चप्पल, मोबाइल फोन के साथ सभी प्रतिबंधित सभी सामानों को जमा करना होता है। इसके लिए मंदिर प्रशासन की ओर से लॉकर की व्यवस्था की गई है। यहां पर सबकुछ जमा करने के बाद दर्शनार्थियों के पास केवल मंदिर में चढ़ाने की सामग्री ही होती है। पीएम मोदी की तस्वीर भी ठीक उसी जगह की है।
