मध्यप्रदेश:- जबलपुर क्रूज हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, तीन बच्चों समेत 4 लोग अभी लापता है. हादसे वाले दिन क्रूज चला रहे पायलट ने उस दिन के खौफनाक मंजर के बारे में बताया. क्रूज पायलट ने बताया कि उस दिन क्या हुआ था और हादसे कैसे हुआ था.
मध्यप्रदेश के जबलपुर के बरगी डैम में हुए खौफनाक हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन बच्चों समेत चार लोग अभी लापता है. इस हादसे ने कई परिवारों को उम्र भर का गम दे दिया है. गुरुवार शाम हुए इस खौफनाक हादसे ने हंसते-खेलते परिवारों के जीवन में गम भर दिया है. हादसे के बाद से लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है, लापता लोगों की तलाश की जा रही है. गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीमें लगातार लापता लोगों की तलाश कर रही है. क्रूज पायलट ने हादसे की सच्चाई बताई है. पायलट ने बताया कि गुरुवार शाम कैसे हादसा हुआ था और हादसे से पहले क्या हुआ था. क्रूज पायलट महेश पटेल ने हादसे को कुदरती मार बताया है. पायलट के अनुसार, क्रूज के निचले केबिन में सवार लोग डांस कर रहे थे और उन्होंने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी, जिसके कारण जब पानी भरना शुरू हुआ तो उन्हें बचाने का मौका ही नहीं मिल पाया.
क्रूज पायलट ने बताया सच
गुरुवार शाम हादसे को लेकर क्रूज पायलट महेश पटेल ने बताया कि मैं 5:06 बजे निकला था, जब मैं निकला तब तूफान नहीं था. वहां 22 से 25 मिनट हुए थे, इसी दौरान अचानक बहुत तेज हवा चलने लग गई. हमने सबको लाइफ जैकेट दी, वहां हमने सोचा कि कहीं क्रूज लगा दें. सभी को लाइफ जैकेट दी गई थी, लेकिन कुछ लोग नीचे डांस कर रहे थे, उन्होंने नहीं पहना हुआ था.
3 दिन से नहीं खाना खाया
उन्होंने बताया कि जब क्रूज में पानी भरा, तो किसी भी कोने पर उसे नहीं ले जाया पाया. क्रूज में पानी भर गया और अचानक पलट गया. महेश ने कहा कि मैंने तीन दिन से खाना नहीं खाया है, वही दृश्य सामने आता है, मुझे नींद भी नहीं आती. मुझे हादसे पर बहुत पछतावा होता है. बच्चे रो रहे थे, नीचे वाले केबिन वालों को बचाने के लिए समय नहीं बच पाया.
3-4 बच्चों को बचाया
महेश ने कहा कि लगभग 5-7 मिनट में बोट में पानी भर गया था, मौका नहीं मिला बचने के लिए. मैं सबसे बाद में निकला था, 3-4 बच्चों को बचाने के बाद. क्रूज में बच्चों को छोड़कर, 35-36 लोग सवार थे. छोटे बच्चों की गिनती नहीं होती. उन्होंने बताया कि मेरे 2 बच्चे हैं, मां है, पत्नी हैं. हादसा मेरे दिल-दिमाग से निकल नहीं पा रहा है.
हादसा कुदरती मार था’
पायलट महेश पटेल ने बताया कि क्रूज राइड 40-50 मिनट की होती है. मेंटेनेंस हर मंडे को चेक होता है. मौसम अलर्ट की कोई जानकारी नहीं थी. हादसा कुदरती मार था, मैंने सोचा किसी कोने पर बोट चली जाए लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. मुझे 30 साल हो गए बोट चलाते हुए. 1 बोट सेफ्टी के लिए चलती है, लेकिन उस दिन नहीं गई थी.
क्रूज सेवा बंद, पायलट बर्खास्त
बरगी डैम हादसे के बाद सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. सीएम मोहन यादव के निर्देश पर पूरे मध्यप्रदेश में क्रूज के संचालन पर फिलहाल रोक लगा दी गई है. प्राथमिक कार्रवाई के तौर पर क्रूज के पायलट, हेल्पर और टिकट काउंटर प्रभारी की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है. इस मामले में उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है. सीएम ने स्पष्ट कहा है कि पर्यटकों की जान जोखिम में डालने वाले दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा.
