छत्तीसगढ़:– कांकेर-नारायणपुर सीमा पर आईईडी विस्फोट के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाए गए बारूद को निष्क्रिय करते हुए शहीद हुए जवान कृष्ण कुमार कोमरा को आज पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। जैसे ही उनका पार्थिव शरीर भानुप्रतापपुर पहुंचा, पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया—लेकिन उस शोक में गर्व की एक गूंज भी साफ सुनाई दे रही थी। भानुप्रतापपुर के मुख्य चौक पर सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए।
हर आंख नम थी, हर हाथ सलामी में उठा हुआ… भारत माता की जय और कृष्ण कुमार कोमरा अमर रहे नारों से वातावरण गूंज उठा। लोगों ने फूल अर्पित कर अपने वीर सपूत को अंतिम प्रणाम किया।इसके बाद अंतिम यात्रा उनके पैतृक गांव के लिए रवाना हुई, जो भानुप्रतापपुर से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है लोहात्तर। गांव पहुंचते ही माहौल और भी भावुक हो गया परिवार के आंसू, ग्रामीणों की भीगी आंखें और हर दिल में अपार गर्व… सब कुछ एक साथ दिखाई दिया। राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।
इस दौरान पुलिस बल ने पूरे सम्मान के साथ वीर जवान को अंतिम सलामी दी। जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने इस अंतिम यात्रा में शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित की।प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि श्रद्धांजलि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और गरिमामय तरीके से संपन्न हो सके। बताया जा रहा है कि कृष्ण कुमार कोमरा वर्ष 2011 में सेवा में शामिल हुए थे। वे अपने परिवार के दो भाइयों में से एक थे। आज उनका जाना सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र और देश का अपूरणीय नुकसान है।
