नई दिल्ली:– प्रधानमंत्री के दौरे के तहत भारत और नीदरलैंड के रिश्तों में एक बहुत ही नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के बेहद अहम कूटनीतिक दौरे के तहत शुक्रवार शाम को नीदरलैंड पहुंच गए हैं। अपनी इस यात्रा के पहले चरण में वह संयुक्त अरब अमीरात गए थे और अब यूरोप पहुंचे हैं। नीदरलैंड के इस दूसरे महत्वपूर्ण दौरे से दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग की काफी अधिक उम्मीदें हैं।
अपने इस महत्वपूर्ण कूटनीतिक दौरे के दौरान पीएम मोदी की यूरोप में कई अहम बैठकें होने वाली हैं। वह नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ शनिवार को एक बहुत ही अहम द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इसके अलावा उनकी खास मुलाकात किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से भी होने वाली है। माना जा रहा है कि इस अहम दौरे से दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग और ज्यादा मजबूत होगा।
दोनों देशों का व्यापार और निवेश पर रहेगा जोर
भारत और नीदरलैंड के बीच व्यापारिक रिश्ते पिछले कुछ सालों में लगातार काफी ज्यादा गहरे और मजबूत हुए हैं। नीदरलैंड पूरी दुनिया में भारत का 11वां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार देश बन गया है जो एक बड़ी उपलब्धि है। साल 2024-2025 के दौरान दोनों देशों का कुल मर्चेंडाइज व्यापार 27.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच गया है।
नीदरलैंड में लगभग 300,000 भारतीय मूल के लोग पूरी तरह से बसे हुए हैं जो सबसे बड़ा प्रवासी समूह है। इनमें 90,000 अप्रवासी भारतीय और 200,000 से ज्यादा सूरीनाम हिंदुस्तानी समुदाय के लोग मुख्य रूप से शामिल हैं। पीएम मोदी अपने इस दौरे पर वहां रह रहे इस विशाल और महत्वपूर्ण भारतीय समुदाय को खास तौर पर संबोधित करेंगे।
छात्रों के लिए उच्च शिक्षा और तकनीक के नए अवसर उम्मीद
नीदरलैंड के विभिन्न बड़े विश्वविद्यालयों में इस समय करीब 3,500 भारतीय छात्र अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। तकनीक, विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में दोनों देश मिलकर कई बड़े और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर साथ काम कर रहे हैं। इस ताजा दौरे से शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में भारतीय छात्रों के लिए और भी अधिक बेहतर अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
बड़े बिजनेस लीडर्स से मुलाकात
नीदरलैंड के कुछ बहुत ही टॉप और बड़े बिजनेस लीडर्स के साथ भी पीएम मोदी खास तौर पर मुलाकात और चर्चा करेंगे। देश में निवेश को और ज्यादा बढ़ाने के लिए वह कई महत्वपूर्ण और बड़े व्यापारिक प्रस्तावों पर गहराई से बात करेंगे। विदेशी निवेश के मामले में नीदरलैंड आज भारत में चौथा सबसे बड़ा निवेशक देश बन चुका है जो बहुत ही महत्वपूर्ण बात है।
