मध्य प्रदेश :– धार जिले में स्थित भोजशाला मंदिर (Bhojshala Temple) एक बार फिर चर्चा में है। लंबे समय से चले आ रहे विवाद पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले के बाद इस ऐतिहासिक स्थल को वाग्देवी मंदिर माना गया है। भोजशाला धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। यहां मां वाग्देवी की पूजा होती है, जिन्हें देवी सरस्वती का स्वरूप माना जाता है।
हिंदू समुदाय भोजशाला को मां सरस्वती का प्राचीन मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम समुदाय लंबे समय से इसे कमाल मौलाना मस्जिद होने का दावा करता रहा है। मान्यता है कि इस ऐतिहासिक परिसर का निर्माण परमार वंश के राजा भोज ने कराया था।
कौन हैं मां वाग्देवी?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां वाग्देवी देवी सरस्वती का ही एक स्वरूप हैं। उन्हें ज्ञान, वाणी, संगीत, कला और अभिव्यक्ति की अधिष्ठात्री देवी कहा जाता है। माना जाता है कि मां वाग्देवी मनुष्य के भीतर ज्ञान और बुद्धि का प्रकाश जागृत करती हैं।
शास्त्रों में उनका स्वरूप अत्यंत शांत, सौम्य और दिव्य बताया गया है। उन्हें श्वेत वस्त्र धारण किए हुए कमल पर विराजमान दर्शाया जाता है। उनका यह रूप पवित्रता, ज्ञान और सृजन का प्रतीक माना जाता है।
क्या है ‘वाग्देवी’ शब्द का अर्थ?
‘वाग्देवी’ शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है: ‘वाक्’ और ‘देवी’।
‘वाक्’ का अर्थ है वाणी या शब्द
‘देवी’ का अर्थ है दिव्य शक्ति
इस प्रकार वाग्देवी का अर्थ “वाणी की देवी” या “शब्दों की देवी” माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों में मां सरस्वती को ज्ञान, बुद्धि और अभिव्यक्ति की प्रमुख देवी बताया गया है।
इन नामों से भी जानी जाती हैं मां सरस्वती
मां वाग्देवी को हिंदू धर्म में कई अन्य नामों से भी जाना जाता है। इनमें सरस्वती, शारदा, भारती और वागीश्वरी प्रमुख हैं। उन्हें साहित्य, संगीत, शिक्षा और सभी कलाओं की जननी माना जाता है।
विद्यार्थियों, शिक्षकों और कलाकारों के बीच मां सरस्वती की विशेष पूजा का महत्व बताया गया है। मान्यता है कि उनकी आराधना से ज्ञान और रचनात्मक क्षमता में वृद्धि होती है।
बसंत पंचमी पर होती है विशेष पूजा
माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाने वाली वसंत पंचमी मां सरस्वती की आराधना को समर्पित मानी जाती है। इस अवसर पर भोजशाला में विशेष पूजा-अर्चना आयोजित की जाती है।
देशभर में विद्यार्थी, शिक्षक और कलाकार इस दिन मां वाग्देवी से ज्ञान और बुद्धि का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं।
मां वाग्देवी का प्रसिद्ध मंत्र
मां वाग्देवी की उपासना के लिए एक विशेष मंत्र का जाप किया जाता है
“ॐ ऐं ह्रीं श्रीं वाग्देव्यै सरस्वत्यै नमः”
धार्मिक मान्यता है कि इस मंत्र के जाप से ज्ञान, वाणी और बुद्धि की प्राप्ति होती है।
