नई दिल्ली:– भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi अपने पांच देशों के यूरोपीय दौरे के अंतिम चरण में आज Italy पहुंचेंगे। यहां उनकी मुलाकात इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni से होगी। इस हाई-लेवल बैठक में रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार एवं निवेश, टेक्नोलॉजी और इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) जैसे रणनीतिक मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। भारत और इटली के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने के उद्देश्य से होने वाली इस बैठक को दोनों देशों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने तथा वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियों पर साझा सहयोग बढ़ाने पर भी फोकस रहेगा।
नॉर्डिक देशों के नेताओं से हुई रणनीतिक बातचीत
इटली रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने Norway में आयोजित तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने Iceland, Finland, Denmark और Sweden के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में ग्रीन ट्रांजिशन, रिन्यूएबल एनर्जी, ब्लू इकोनॉमी, रक्षा सहयोग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पेस टेक्नोलॉजी और आर्कटिक क्षेत्र में सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत और नॉर्डिक देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
नॉर्वे की कंपनियों को भारत में निवेश का न्योता
ओस्लो में आयोजित इंडिया-नॉर्वे बिजनेस एंड रिसर्च समिट में प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्वे की कंपनियों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि भारत में कर व्यवस्था, श्रम सुधार और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में बड़े बदलाव किए गए हैं, जिससे विदेशी निवेशकों के लिए बेहतर माहौल तैयार हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि खाद्य, ईंधन और उर्वरक सुरक्षा जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में भारत और नॉर्वे मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने दोनों देशों की साझेदारी को “सिद्ध और भरोसेमंद” बताया।
नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे से मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री Jonas Gahr Støre से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-नॉर्वे संबंधों को “ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” में बदलने पर सहमति जताई। बैठक में स्वच्छ ऊर्जा, हरित जहाजरानी, सतत विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, अनुसंधान और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। साथ ही इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग और समुद्री सुरक्षा पर भी विचार-विमर्श किया गया।
IMEC कॉरिडोर पर दुनिया की नजर
भारत और यूरोप के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने वाले इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) को लेकर भी इस दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है। यह परियोजना भारत, मध्य-पूर्व और यूरोप के बीच व्यापार, लॉजिस्टिक्स और ऊर्जा कनेक्टिविटी को नई गति दे सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी का यह दौरा यूरोप के साथ भारत की रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करेगा, जिसका असर आने वाले वर्षों में वैश्विक व्यापार और भू-राजनीति पर भी दिखाई दे सकता है।
