नई दिल्ली:– बढ़ती गर्मी की वजह से लगभग देश के सभी स्कूल में गर्मियों की छुट्टियां हो चुकी हैं। समर वेकेशन में कई बच्चे परिवार के साथ दूसरे शहरों में घूमने निकल चुक हैं तो कुछ दादी-नानी के घर सेर करने जा चुके हैं, लेकिन कई बच्चे अपने घर पर ही समय गुजार रहे हैं।
हालांकि स्कूल और पढ़ाई से छुट्टी मिलने की वजह से हर बच्चों के चेहरे पर खुशियां तो दिखती हैं, लेकिन जल्द ही वे इससे बोर होने लगते हैं। अब इन छुट्टियों में बच्चों को बिजी रखना एक टास्क बन जाता है।
मिनी शेफ
बच्चों को फायरलेस कुकिंग में उलझा सकते हैं। बच्चों को किचन में एप्रन पहनाकर अपना छोटा शेफ बनाएं। इससे वे एक ओर सीखेंगे भी और दूसरी ओर उन्हें मजा भी आएगा। इसके लिए सैंडविच, सलाद, डेजर्ट जैसी रेसिपीज ट्राई की जा सकती है। उन्हें सिखाएं कि सैंडविच कैसे बनाते हैं या फ्रूट सलाद कैसे सजाते हैं। यकीन मानिए, जब वो खुद कुछ बनाएंगे, तो उनका कॉन्फिडेंस बुस्ट होगा और उनकी क्यूटनेस पर आपको भी बेहद प्यार आएगा।
पजल एंड ब्रेन गेम
बच्चों को सीधा-सीधा पढ़ने बिठाओ, तो वो बहुत जल्दी बोर हो जाते हैं। लूडो, शतरंज, पजल, सुडोकू जैसे खेल बच्चों के दिमाग को तेज करते हैं और ये उन्हें पढ़ाई से हटकर लगता है। गेम्स बच्चों की लॉजिकल सोच और समस्या सुलझाने की क्षमता को बढ़ाते हैं।
क्रिएटिविटी एट इट्स पीक
क्रिएटिविटी का मतलब आप उनके साथ नहीं बैठिए, बल्कि पेपर, कलर औऱ क्राफ्ट की कुछ चीजें उन्हें दे दीजिए औरफिर देखिए उनके नन्हे दिमाग का कमाल। वो अपनी पूरी क्रिएटिविटी लगाकर कुछ ऐसी चीज बनाएंगे, जो बेस्ट होगी। बदले में उन्हें अप्रीशिएट कीजिए। इससे उनका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा और अगली बार वो इससे भी बेहतर करने का प्रयास करेंगे।
गार्डनिंग में करें शामिल
अगर आपके पास थोड़ी सी भी जगह है, तो बच्चों को गार्डनिंग में शामिल करें। उन्हें पौधे लगाना और उनकी देखभाल करना सिखाएं। इस एक्टिविटी से बच्चों में धैर्य विकसित होगा। बच्चों को पौधे या कोई बीज लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रोत्साहित करें। इससे जिम्मेदारी की भावना बढ़ेगी।
परिवार के साथ समय बिताएं
बच्चों के साथ बैठकर खेल खेलें, बातें करें या साथ में कोई फिल्म देखें। इसके अलावा बच्चों के साथ इनडोर गेम्स भी खेल सकते हैं। इससे उनका भावनात्मक विकास होगा और वो फैमिली वैल्यू को समझेंगे। बच्चों के साथ बोर्ड गेम्स या पजल्स खेलने से उनका दिमाग तेज होता है। साथ में हंसी-मजाक और मस्ती तो बोनस है।
