नई दिल्ली:– कुलुक्की शरबत- केरल में बनने वाले इस कॉकटेल में चिया सीड्स का इस्तेमाल किया जाता है। एक गिलास में ठंडा पानी, नींबू के स्लाइस, आधे नींबू का रस, काला नमक, बर्फ के टुकड़े, हरी मिर्च और चीनी डालें। इसे अच्छी तरह से मिक्स करके भिगोए हुए चिया सीड्स को डालें और सर्व करें।
कर्ड राइस- गट हेल्थ को दुरूस्त रखने वाला यह दक्षिण भारतीय डिश बेहद स्वादिष्ट है। पके हुए चावल को दही में मिक्स करके, इसके ऊपर एक तड़का लगाकर खाएं। बच्चे को लिए यह परफेक्ट समर डिश है।
खीरा तांबुली- खीरा तांबुली गर्मियों में कर्नाटक में बनाई जाने वाली एक डिश है, जो खीरा को छाछ या फिर दही और फ्रेश नारियल, हरी मिर्च, जीरा, काली मिर्च, के साथ ब्लेंड करके बनाया जाता है। इसमें राई , करी पत्ता, हींग, सूखी लाल मिर्च का तड़का लगाएं।
सोइबम- यह नॉर्थ इंडियन डिश है, जिसे बांस को फरमेंट करके बनाया जाता है। बांस के कोमल कोपल फाइबर और प्रोबायोटिक से भरपूर होते हैं। साथ ही इसमें कुछ मसालों के साथ फरमेंट करके भी पिया जाता है। इसे किसी भी सब्जी, करी या चटनी में मिलाया जाता है।
कांजी- नॉर्थ इंडिया में बेहद पॉपुलर यह डिश पेट को ठंडक देता है। चूंकि इसे फरमेंट करके बनाया जाता है, इसलिए इससे हमारा गट हेल्थ बहुत अच्छा रहता है। इसे काली गाजर, पीली सरसों और काला नमक से बनाया जाता है।
सोल कढ़ी- यह एक कोंकणी शरबत की तरह होता है, जिसे कोकम औऱ नारियल के दूध से तैयार किया जाता है। दोनों ही गर्मी के लिए बेहद कूलिंग है। यह एक बहुत अच्छा प्री बायोटिक ड्रिंक होता है। इसे हैवी मील के बाद या गर्मी में पीना लाभदायक होता है।
अंबाली- यह एक साउथ इंडियन रेसिपी है, जिसे रागी के आटे और पानी से बनाया जाता है। यह भी एक फरमेंटेड ड्रिंक होता है। यह हल्का, कूलिंग और न्यूट्रीशन से भरपूर होता है। इसमें कैल्शियम व आयरन के साथ आंतो के लिए गुड बैक्टीरिया होते हैं।
