नई दिल्ली:– देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी एक बड़ी और बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। इस समय देश भर का दौरा कर विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ बैठकें कर रहे 8वें वेतन आयोग के सामने इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने एक ऐसा क्रांतिकारी प्रस्ताव रखा है, जिसने वेतन संरचना की पारंपरिक बहस को पूरी तरह बदल दिया है।
आमतौर पर सभी कर्मचारी संगठन सरकार से ‘सभी के लिए एकसमान फिटमेंट फैक्टर’ लागू करने की मांग करते आए हैं। इसके बिल्कुल उलट, रेलवे के इस तकनीकी संगठन ने कर्मचारियों के अलग-अलग पे-लेवल के आधार पर 5 अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर (2.92 से लेकर 4.38 तक) तय करने का अनोखा सुझाव दिया है।
एकसमान फिटमेंट फैक्टर’ का तरीका छोड़ने की वकालत
इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने वेतन आयोग को सौंपी अपनी आधिकारिक सिफारिशों में तर्क दिया है कि सरकार को पिछले वेतन आयोगों के पुराने ढर्रे को अब छोड़ देना चाहिए। एसोसिएशन का मानना है कि सभी स्तर के कर्मचारियों को एक ही तराजू में तोलने के बजाय निचले, मध्यम और वरिष्ठ स्तरों की जिम्मेदारियों और तकनीकी विशेषज्ञता के अनुसार वेतन ढांचा तैयार होना चाहिए।
अलग-अलग स्तर पर दिए गए इस बहु-स्तरीय (Multi-level) फिटमेंट फैक्टर के पीछे मुख्य उद्देश्य निचले स्तर के कर्मचारियों को महंगाई से राहत देना और वरिष्ठ या तकनीकी स्तरों पर एक संतुलित व आकर्षक वेतनमान सुनिश्चित करना है।
किस लेवल के लिए कितना फिटमेंट फैक्टर? (IRTSA का गणित)
एसोसिएशन द्वारा 8वें वेतन आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए गए पदानुक्रम (Hierarchy) आधारित 5 फिटमेंट फैक्टर का सांख्यिकीय वर्गीकरण इस प्रकार है:
पे-लेवल (Pay Levels) प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर (Proposed Fitment Factor) लक्षित कर्मचारी वर्ग (Target Cadre)
लेवल 1 से 5 2.92 निचला प्रशासनिक व सहायक स्टाफ
लेवल 6 से 8 3.50 मध्यम स्तरीय पर्यवेक्षक और तकनीकी कर्मचारी
लेवल 9 से 12 3.80 वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी और राजपत्रित (Gr-B) स्टाफ
लेवल 13 से 16 4.09 उच्च प्रबंधन और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी
लेवल 17 से 18 4.38 शीर्ष नेतृत्व और उच्चतम प्रशासनिक स्तर
फिटमेंट फैक्टर के अलावा, IRTSA ने रेलवे और अन्य केंद्रीय विभागों में कार्यरत तकनीकी सुपरवाइजरों के लिए एक पूरी तरह से नए कैडर ढांचे और उनके शुरुआती बेसिक वेतन की भी मांग रखी है। एसोसिएशन द्वारा सुझाए गए नए वेतनमान और स्तर इस प्रकार हैं:
जूनियर इंजीनियर (JE): इन्हें सीधे लेवल-7 में रखने और शुरुआती वेतन ₹1,57,400 करने का प्रस्ताव है।
सीनियर सेक्शन इंजीनियर (SSE – ग्रुप B): इन्हें लेवल-8 में अपग्रेड कर शुरुआती वेतन ₹1,66,800 करने की मांग है।
असिस्टेंट मैनेजर (ग्रुप B): इन्हें लेवल-9 के साथ शुरुआती वेतन ₹2,01,600 देने का सुझाव है।
मैनेजर (ग्रुप B): इन्हें लेवल-10 आवंटित कर शुरुआती वेतन ₹2,13,000 करने की सिफारिश की गई है।
सीनियर मैनेजर (ग्रुप A): इन्हें लेवल-11 के दायरे में लाते हुए शुरुआती मूल वेतन ₹2,57,000 तय करने का कूट प्रस्ताव दिया गया है।
8वां वेतन आयोग वर्तमान में देश के अलग-अलग शहरों में कर्मचारी संगठनों के साथ विधिक समीक्षा बैठकें कर रहा है। रेलवे एसोसिएशन के इस अनूठे प्रस्ताव ने निश्चित रूप से आयोग के सामने एक नई वैचारिक चुनौती रख दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या आयोग इस ‘वेरिएबल फिटमेंट फैक्टर’ के फॉर्मूले को स्वीकार कर केंद्र सरकार को अपनी अंतिम रिपोर्ट में इसकी सिफारिश करता है या नहीं।
