नई दिल्ली:– रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की प्रमुख प्रयोगशाला डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स एप्लीकेशन लेबोरेटरी (DEAL) ने तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप कार्यक्रम की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को रक्षा अनुसंधान और उन्नत तकनीकी परियोजनाओं से जोड़ना है। वर्ष 2026 के लिए कुल 45 इंटर्नशिप पदों पर आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, जहां चयनित उम्मीदवारों को प्रशिक्षण के साथ आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी।
तीन तकनीकी क्षेत्रों में उपलब्ध हैं सीटें
इंटर्नशिप कार्यक्रम के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन, कंप्यूटर साइंस और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों को अवसर मिलेगा। कुल 45 सीटों में से 20 पद इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन, 20 पद कंप्यूटर साइंस और 5 पद मैकेनिकल इंजीनियरिंग के लिए निर्धारित किए गए हैं। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को रक्षा तकनीक और अनुसंधान से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका मिलेगा।
पात्र उम्मीदवार ही कर सकेंगे आवेदन
आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का AICTE से मान्यता प्राप्त संस्थान में अध्ययनरत होना आवश्यक है। बीई और बीटेक के वे छात्र आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने कम से कम छह सेमेस्टर पूरे कर लिए हों। वहीं एमटेक और एमएससी (इलेक्ट्रॉनिक्स) के छात्रों को भी आवेदन का अवसर दिया गया है। इसके अलावा न्यूनतम 7.0 सीजीपीए और बेहतर शैक्षणिक रिकॉर्ड अनिवार्य रखा गया है।
चयनित छात्रों को मिलेगा स्टाइपेंड
इंटर्नशिप की अवधि छह महीने होगी। इस दौरान चयनित उम्मीदवारों को कुल 30 हजार रुपये का स्टाइपेंड दिया जाएगा। यह राशि दो चरणों में जारी की जाएगी, ताकि प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को आर्थिक सहयोग मिल सके। खास बात यह है कि चयन के लिए किसी प्रकार की लिखित परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी और पूरी प्रक्रिया मेरिट के आधार पर होगी।
30 जून तक कर सकते हैं आवेदन
इच्छुक अभ्यर्थियों को आवेदन फॉर्म DRDO की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर भरना होगा। इसके बाद आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन पत्र को निर्धारित पते पर स्पीड पोस्ट या रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से भेजना होगा। आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की गई है। चयनित उम्मीदवारों की सूची 15 जुलाई तक जारी की जाएगी और इंटर्नशिप कार्यक्रम 3 अगस्त से शुरू होगा।
रक्षा अनुसंधान के क्षेत्र में सीखने का अवसर
यह इंटर्नशिप उन छात्रों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद साबित हो सकती है जो भविष्य में रक्षा तकनीक, अनुसंधान एवं विकास या उच्च तकनीकी क्षेत्रों में करियर बनाना चाहते हैं। कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें विशेषज्ञों के साथ काम करने और वास्तविक परियोजनाओं का अनुभव हासिल करने का अवसर मिलेगा, जो उनके पेशेवर विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
