नई दिल्ली:– NEET परीक्षा को लेकर एक बार फिर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) सवालों के घेरे में है। नागपुर के एक छात्र का परीक्षा केंद्र कथित तौर पर विदेश के अबू धाबी में आवंटित होने का मामला सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, नागपुर का एक छात्र पिछले एक महीने से NEET री-एग्जाम की तैयारी में जुटा हुआ था। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले जब उसने अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया, तो उसमें परीक्षा केंद्र अबू धाबी दर्शाया गया। छात्र के परिवार के पास न तो पासपोर्ट की व्यवस्था थी और न ही इतनी कम अवधि में विदेश भेजने की आर्थिक क्षमता। अचानक सामने आई इस स्थिति से छात्र मानसिक रूप से टूट गया और परीक्षा देने से भी इनकार करने लगा।
इस घटना ने NTA की परीक्षा प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि यदि किसी परीक्षार्थी को उसके शहर या आसपास केंद्र उपलब्ध नहीं कराया जा सकता और विदेश का केंद्र आवंटित कर दिया जाता है, तो यह व्यवस्था की बड़ी चूक है।
शिक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं का उद्देश्य छात्रों की प्रतिभा का मूल्यांकन होना चाहिए, न कि उन्हें अनावश्यक तनाव और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं का सामना करने के लिए मजबूर करना। उन्होंने मांग की है कि परीक्षा केंद्र आवंटन प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए, ताकि किसी भी छात्र का भविष्य ऐसी त्रुटियों की भेंट न चढ़े। फिलहाल, इस मामले को लेकर NTA की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
