नई दिल्ली:– इस साल गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई 2026 को मनाई जाएगी। सनातन भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान ईश्वर से भी ऊपर माना गया है। क्योंकि गुरु ही हमारे जीवन में सही और गलत के बीच अंतर करना सिखाता है।
यह खास दिन न केवल गुरु के लिए बल्कि हर उस व्यक्ति का आभार जताना चाहिए, जिनका आपके जीवन में अहम योगदान है। गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर 5 ऐसे काम जिन्हें हर उस इंसान को करना चाहिए, जिनके जीवन में गुरु का अहम योगदान है।
गुरु पूर्णिमा 2026 पर करें ये 5 काम
अपने गुरुजनों, माता-पिता और बड़ों का सम्मान करें
धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि, इस दिन अपने जीवन के हर गुरु माता-पिता, शिक्षक, बड़े-बुजुर्ग, आध्यात्मिक गुरु का आशीर्वाद लें। उनके पैर छूकर या उनका पसंदीदा तोहफा देकर उनका सम्मान करें। सच्ची श्रद्धा से किया गया यह काम बहुत शुभ होता है।
गरीब और जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा से जुड़ी वस्तुएं दान करें। गुरु पूर्णिमा के दिन गुरुओं, माता-पिता बुजुर्ग, आध्यात्मिक गुरु का आशीर्वाद के अलावा, जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा से जुड़ी वस्तुएं दान करना शुभ बताया गया है। बताया जाता है कि , ऐसा करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है।
अपने लक्ष्यों को हासिल करने का संकल्प लें
गुरु पूर्णिमा का दिन अपने भविष्य के लक्ष्यों को हासिल करने का संकल्प लेने के लिए काफी शुभ माना जाता है। अपनी पढ़ाई, करियर और व्यक्तिगत विकास से जुड़े लक्ष्य स्पष्ट करें। एक डायरी में अपने सपनों को लिखें और उन्हें हासिल करने की कार्ययोजना बनाएं। यह संकल्प आपको आगे बढ़ाने के साथ नई दिशा प्रदान करेगा।
अन्न का दान करें
धार्मिक ग्रंथों में अन्नदान को महादान कहा गया है मान्यता है कि गुरु पूर्णिमा के दिन जरूरतमंद लोगों को भोजन, अनाज या फल का दान करने से भगवान विष्णु और गुरु की कृपा प्राप्त होती है। यह दान सबसे श्रेष्ठ दानों में से एक माना जाता है।
सेवा और विनम्रता का भाव भी अपनाएं
गुरु पूर्णिमा का पर्व हमें सेवा और विनम्रता का भाव अपनाने पर भी जोर देता है। इसलिए जीवन में सभी के प्रति विनम्रता का भाव रखें। सेवा करने से आपका व्यक्तित्व बेहतर होगा, जो आपको सफल बनाने का काम कर सकती है।
पीले रंग का इस्तेमाल करें
गुरु पूर्णिमा का संबंध गुरु बृहस्पति से है। जिनका प्रिय रंग पीला है इस दिन पीले कपड़े पहनें ।पूजा में पीले फूल इस्तेमाल करें या पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं. इससे सौभाग्य आता है।
इस बात का ध्यान रखें कि, गुरु पूर्णिमा सिर्फ एक त्योहार ही नहीं, बल्कि आत्म चिंतन और खुद को सुधारने का बेहतर मौका है। इन 5 काम को जीवन का अभिन्न हिस्सा मानकर हर कोई इंसान बेहतर हो सकता है।
