छत्तीसगढ़ :– मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे उत्तरी ओडिशा के आसपास बने निम्न दबाव के क्षेत्र का असर प्रदेश के मौसम पर दिखाई दे रहा है। पिछले 24 घंटों में छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। बलरामपुर और बीजापुर जिले में कुछ स्थानों पर सबसे ज्यादा बारिश हुई। हालांकि, प्रदेश में अब तक मौसमी बारिश सामान्य से करीब 7 प्रतिशत कम बनी हुई है।
राजधानी रायपुर में शनिवार शाम हुई बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। बारिश के कारण शहर के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। 7 अगस्त को जहां रायपुर का तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस था, वहीं शनिवार को यह घटकर लगभग 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
दुर्ग में सबसे ज्यादा तापमान, पेंड्रा रोड सबसे ठंडा
मौसम के आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों में प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में दर्ज किया गया। वहीं पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे साफ है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग बना हुआ है।
आज भी कई इलाकों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार निम्न दबाव वाले सिस्टम के प्रभाव से 9 अगस्त को छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
रायपुर में कैसा रहेगा आज का मौसम?
राजधानी रायपुर में रविवार को मौसम सुहाना रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक शहर में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। आसमान में बादल छाए रहने के साथ बारिश की संभावना भी बनी हुई है।
22 जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली को लेकर चेतावनी जारी की है। कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासकर आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की अपील की गई है।
