नई दिल्ली:– भारतीय सेपक टकरा टीम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और शानदार उपलब्धि हासिल की है। थाईलैंड में आयोजित प्रतिष्ठित किंग्स कप सेपक टकरा चैंपियनशिप 2026 के मेंस क्वाड्रेंट इवेंट में भारत ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई, जहां उसका सामना मेजबान और इस खेल की मजबूत टीम मानी जाने वाली थाईलैंड से हुआ। तीन सेट तक चले रोमांचक मुकाबले में भारत को हार मिली, लेकिन सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही टीम का कांस्य पदक पक्का हो गया।
सेमीफाइनल में भारतीय खिलाड़ियों ने जबरदस्त शुरुआत की। टीम ने पहले सेट में थाईलैंड को 15-9 से हराकर बढ़त बनाई। हालांकि इसके बाद मेजबान टीम ने जोरदार वापसी की और दूसरे सेट में भारत को 9-15 से शिकस्त दी। निर्णायक तीसरे सेट में भी थाईलैंड ने दबाव बनाए रखा और 15-9 से जीत हासिल कर फाइनल में प्रवेश कर लिया। इस तरह भारत ने 15-9, 9-15, 9-15 के स्कोर के साथ मुकाबला गंवाया, लेकिन कांस्य पदक जीतकर टूर्नामेंट में अपना प्रभाव छोड़ा।
एशियन गेम्स से पहले बढ़ा भारत का आत्मविश्वास
किंग्स कप का यह पदक भारत के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि 2026 एशियन गेम्स से पहले भारतीय सेपक टकरा टीम लगातार अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत प्रदर्शन कर रही है। मार्च 2025 में पटना में आयोजित इंटरनेशनल सेपक टकरॉ फेडरेशन वर्ल्ड कप में भारत ने मेंस रेगु वर्ग में अपना पहला गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा था। अब किंग्स कप का ब्रॉन्ज मेडल भारतीय टीम की बढ़ती ताकत का एक और प्रमाण है।
क्या है सेपक टकरा?
सेपक टकरा दक्षिण-पूर्व एशिया का लोकप्रिय खेल है, जिसे वॉलीबॉल और फुटबॉल का अनोखा मिश्रण कहा जा सकता है। इसमें खिलाड़ी हाथों का इस्तेमाल किए बिना पैरों, घुटनों और सिर की मदद से गेंद को नेट के दूसरी तरफ पहुंचाते हैं। खेल की सबसे खास बात हवा में उछलकर लगाए जाने वाले शानदार किक और तेज रफ्तार रैलियां हैं।
रेगु फॉर्मेट में एक टीम के तीन खिलाड़ी कोर्ट पर होते हैं, जबकि क्वाड्रेंट फॉर्मेट में चार खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। थाईलैंड और मलेशिया को इस खेल की पारंपरिक रूप से मजबूत टीमें माना जाता है।
1985 में हुई थी किंग्स कप की शुरुआत
किंग्स कप सेपक टकरा चैंपियनशिप दुनिया के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में शामिल है। इसकी शुरुआत 1985 में बैंकॉक में हुई थी। पहले संस्करण में मलेशिया ने खिताब जीता था, जबकि इसके बाद थाईलैंड ने प्रतियोगिता में अपना दबदबा कायम किया। दुनिया की शीर्ष टीमों की मौजूदगी के कारण किंग्स कप खिलाड़ियों के लिए बेहद कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगिता माना जाता है।
जापान को हराकर भारत बन चुका है एशियाई चैंपियन
किंग्स कप से पहले भी भारतीय टीम 2026 में बड़ी उपलब्धि हासिल कर चुकी है। मई 2026 में जापान के नागोया में आयोजित एशिया सेपक टकरा चैंपियनशिप के मेंस क्वाड्रेंट फाइनल में भारत ने जापान को 15-10, 12-15, 15-12 से हराकर गोल्ड मेडल जीता था। ग्रुप चरण में भारत ने मलेशिया और दक्षिण कोरिया को मात दी थी, जबकि सेमीफाइनल में मजबूत थाईलैंड को सीधे सेटों में हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया था।
लगातार मिल रही इन सफलताओं से साफ है कि भारत अब सेपक टकरा में सिर्फ भागीदारी करने वाली टीम नहीं रह गया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिताब की दावेदार टीम के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
