उत्तर प्रदेश :– सीतापुर जिले के महमूदाबाद कोतवाली क्षेत्र के फुलवारीपुर गांव से एक ऐसी अनोखी और चौंकाने वाली प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने पुलिस से लेकर पूरे इलाके को हैरान कर दिया है। फुलवारीपुर निवासी शुभम वर्मा की शादी करीब 10 साल पहले अंजू वर्मा से हुई थी। दोनों के दो बच्चे भी हैं। सब कुछ सामान्य चल रहा था, जब अंजू की
जिंदगी में उमेरा गांव के नितिन विश्वकर्मा (कुछ रिपोर्ट्स में नितिन शर्मा) की एंट्री हुई। नितिन पहले शुभम का करीबी था। शुभम उसे अपना भाई मानता था। नितिन घर आता-जाता था, परिवार के साथ खाना खाता था और कई बार रुक भी जाता था। समय के साथ अंजू और नितिन के बीच नजदीकियां बढ़ गईं और रिश्ता प्रेम में बदल गया। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार मार्च में दोनों ने मंदिर में शादी भी कर ली।
अंजू ने दावा किया कि उसने छह महीने पहले ही मायके और ससुराल में अपने इस रिश्ते के बारे में बता दिया था। तब परिवार ने कहा था कि प्रेमी के साथ कहीं मत जाओ, यहीं तीनों मिलकर रहो। लेकिन अब परिवार का रुख बदल गया। ससुर और ननद समेत परिजनों ने तीनों के एक साथ रहने का कड़ा विरोध किया।
जब घर में विवाद बढ़ गया तो अंजू अपने पति शुभम, प्रेमी नितिन और दोनों बच्चों को लेकर महमूदाबाद कोतवाली पहुंच गई। पुलिस के सामने अंजू ने साफ कहा – “मैं पति के साथ भी रहना चाहती हूं और प्रेमी के साथ भी। दोनों के साथ एक ही छत के नीचे रहूंगी।”
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पति शुभम भी पत्नी और उसके प्रेमी दोनों के साथ रहने को तैयार हो गए। शुभम ने कहा कि वह दोनों का साथ नहीं छोड़ेगा। जरूरत पड़ी तो अपना घर भी छोड़ देंगे, लेकिन अंजू और नितिन से अलग नहीं होंगे। उन्होंने बताया कि जब पहले इस रिश्ते का पता चला था तो उन्होंने आत्महत्या तक का विचार कर लिया था, लेकिन अब वे सब कुछ जानते हुए भी तीनों के साथ रहने को राजी हैं।
अंजू ने आगे बताया कि वह अपनी मांग में दोनों (पति और प्रेमी) के नाम का सिंदूर भरती है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी आया कि महिला ने पुलिस के सामने एक ‘ड्यूटी चार्ट’ भी पेश किया – दिन में प्रेमी बच्चों के साथ रहेगा और रात में पति के साथ रहेगी।
जब मासूम बच्चों से पूछा गया तो उन्होंने भी मासूमियत से कहा कि वे ‘मम्मी, पापा और चाचू’ के साथ रहना चाहते हैं।
पुलिस ने लंबे समय तक तीनों पक्षों से बातचीत की और समझौते की कोशिश की, लेकिन अंजू दोनों के साथ रहने पर अड़ी रही। परिवार का विरोध बरकरार रहा। अंत में पुलिस ने बालिग होने के नाते तीनों को उनकी मर्जी पर छोड़ दिया और ससुर के घर से शुभम का सामान भी दिलवा दिया।
अब यह अनोखा परिवार – पति, पत्नी, प्रेमी और दो बच्चे – समाज के तानों से दूर एक नई दुनिया बसाने की कोशिश में है। पूरा मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है और इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह कहानी साबित करती है कि कभी-कभी रिश्ते पारंपरिक सीमाओं से कहीं आगे निकल जाते हैं… और समाज को सोचने पर मजबूर कर देते हैं।
