नई दिल्ली:– जन्माष्टमी भगवान कृष्ण के जन्म का त्योहार है। भक्त उनके बाल रूप, लड्डू गोपाल की बहुत श्रद्धा से पूजा करते हैं। इस मौके पर बनाए जाने वाले कई प्रसादों में से माखन मिश्री का खास महत्व है। वैसे तो भगवान कृष्ण को पारंपरिक रूप से छप्पन भोग (56 खाने की चीज़ें) चढ़ाए जाते हैं, लेकिन माखन मिश्री सबसे ज़रूरी प्रसादों में से एक है।
भगवान कृष्ण को माखन मिश्री क्यों चढ़ाया जाता है? जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण को माखन मिश्री चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है क्योंकि माना जाता है कि यह उनका पसंदीदा आहार था। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता यशोदा ताज़ा दूध मथकर सफ़ेद मक्खन बनाती थीं और प्यार से छोटे कृष्ण को खिलाती थीं। कृष्ण के गोपियों के घरों से मक्खन चुराने की कहानियों की वजह से उन्हें प्यार से माखनचोर नाम मिला।
माखन मिश्री कैसे बनाई जाती है?
जन्माष्टमी पर भक्त भगवान कृष्ण का आशीर्वाद लेने के लिए उन्हें माखन मिश्री चढ़ाते हैं। ऐसा माना जाता है कि यह आसान सा प्रसाद सुख, समृद्धि और इच्छाएँ पूरी करता है। माखन मिश्री कैसे बनाई जाती है?
माखन मिश्री ताज़ा, बिना नमक वाला सफ़ेद मक्खन और कुटी हुई मिश्री (रॉक शुगर क्रिस्टल) मिलाकर बनाई जाती है। इसे बनाना आसान है और भगवान कृष्ण को चढ़ाने से पहले इसे घर पर आसानी से बनाया जा सकता है।
साधारण लेकिन गहरा प्रतीकात्मक, माखन मिश्री जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण को दिए जाने वाले सबसे पसंदीदा प्रसाद में से एक है। इसे घर पर बनाने से उत्सव में एक पर्सनल टच आता है और भक्त पारंपरिक तरीके से प्यारे माखनचोर का सम्मान कर सकते हैं।
घर पर ऐसे बनाएं माखन मिश्री
सामग्री1 कप ताज़ा क्रीम या दही5-6 बर्फ के टुकड़े3-4 बड़े चम्मच मिश्री (रॉक शुगर क्रिस्टल), कुटी हुईस्टेप-बाय-स्टेप रेसिपीअगर ताज़ा क्रीम इस्तेमाल कर रहे हैं, तो ठंडी क्रीम और बर्फ के टुकड़े मिक्सर जार में डालें।
अगर दही इस्तेमाल कर रहे हैं, तो जार में ताज़ा दही और बर्फ के टुकड़े डालें और 1-2 मिनट तक ब्लेंड करें। मक्खन अलग होकर ऊपर आ जाएगा, जबकि छाछ नीचे बैठ जाएगी।
ताज़ा सफ़ेद मक्खन सावधानी से इकट्ठा करें और इसे ठंडे पानी के कटोरे में डालें। इससे मक्खन ठीक से जमने में मदद मिलती है।
मक्खन को एक सर्विंग बाउल में डालें और उसमें कुटी हुई मिश्री धीरे से मिलाएँ। ध्यान रखें कि ज़्यादा न मिलाएं, क्योंकि मक्खन पिघलना शुरू हो सकता है।
आपका घर का बना माखन मिश्री अब भगवान कृष्ण को भोग लगाने के लिए तैयार है।
