कोरबा :– वेदांता समूह के एल्युमिनियम कारोबार से जुड़े शीर्ष नेतृत्व ने डिमर्जर के बाद भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) का पहला दौरा किया। वेदांता एल्युमिनियम लिमिटेड की गैर-कार्यकारी निदेशक एवं हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन प्रिया अग्रवाल हेब्बर तथा वेदांता एल्युमिनियम लिमिटेड के चेयरमैन एवं सी-सिल्वर होल्डिंग्स वेंचर्स के चेयरमैन आकर्ष हेब्बर रायपुर से सड़क मार्ग के जरिए बालको पहुंचे। दौरे के दौरान उन्होंने कंपनी की मौजूदा गतिविधियों का जायजा लेने के साथ भविष्य की विस्तार योजनाओं और एल्युमिनियम कारोबार की रणनीति को लेकर वरिष्ठ प्रबंधन के साथ विस्तार से चर्चा की।

बालको पहुंचने के बाद हेब्बर दंपती ने कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें बालको की वर्तमान उत्पादन क्षमता, उत्पादन लागत, परिचालन दक्षता, तकनीकी विकास और भविष्य में क्षमता विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा हुई। एल्युमिनियम क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर हो रहे बदलाव और भारत में इस धातु की बढ़ती मांग के बीच कंपनी की भूमिका को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। प्रबंधन ने कंपनी के मौजूदा संचालन और आगामी योजनाओं से संबंधित जानकारी शीर्ष नेतृत्व के सामने रखी।

बालको के सीईओ राजेश कुमार सिंह तथा प्रबंधन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने एल्युमिनियम सेक्टर की मौजूदा स्थिति, उत्पादन प्रक्रिया, लागत संरचना और भविष्य की कारोबारी संभावनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। बैठक में उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ लागत प्रतिस्पर्धा बनाए रखने, तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने और परिचालन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
दौरे के दौरान प्रिया अग्रवाल हेब्बर और आकर्ष हेब्बर ने बालको नगर, नंदा घर, एल्युमिनियम कॉम्पलेक्स और टाउनशिप का निरीक्षण किया। उन्होंने कंपनी की औद्योगिक गतिविधियों के साथ कर्मचारियों और उनके परिवारों से जुड़ी सुविधाओं की भी जानकारी ली। नंदा घर सहित सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों के संबंध में भी उन्हें जानकारी दी गई।

हेब्बर दंपती ने बालको के अधिकारियों और कर्मचारियों से सीधे संवाद किया। विशेष रूप से युवा कर्मचारियों के साथ हुई बातचीत में नई सोच, नवाचार, डिजिटल तकनीक और बदलते मीडिया परिदृश्य को लेकर चर्चा हुई। कंपनी के भविष्य के विकास में युवा कार्यबल की भूमिका और तकनीकी बदलावों के बेहतर उपयोग पर भी जोर दिया गया।
एल्युमिनियम को ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, निर्माण, पैकेजिंग और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण धातु माना जाता है। ऐसे में आने वाले वर्षों में इसकी मांग बढ़ने की संभावना के बीच उत्पादन क्षमता और तकनीकी दक्षता को मजबूत करना कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी दृष्टि से बालको में विस्तार और आधुनिकीकरण की संभावनाओं पर शीर्ष नेतृत्व की चर्चा को अहम माना जा रहा है।

डिमर्जर के बाद बालको में हेब्बर दंपती का यह पहला दौरा कंपनी की भविष्य की दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दौरे के दौरान प्रबंधन, अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ हुए संवाद से कंपनी की मौजूदा स्थिति और भविष्य की प्राथमिकताओं को समझने का अवसर मिला। माना जा रहा है कि आने वाले समय में उत्पादन क्षमता, लागत नियंत्रण, तकनीकी नवाचार और डिजिटल बदलाव पर फोकस के जरिए बालको एल्युमिनियम क्षेत्र में अपनी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।