नई दिल्ली:– भारत और चीन के रिश्तों में हालिया सुधार के बीच LAC को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। रक्षा मंत्रालय की 2025 की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के आसपास अपनी सैन्य तैनाती में कमी की है। उत्तरी सीमा पर चीनी PLA की तैनाती घटकर 10 कंबाइंड-आर्म्स ब्रिगेड तक आने की बात रिपोर्ट में सामने आई है।
भारत और चीन के बीच अक्टूबर 2024 में हुए समझौते के बाद LAC के कुछ क्षेत्रों में सैनिकों के पीछे हटने और गश्त व्यवस्था को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ी। इसके बाद दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव कम करने के प्रयास तेज हुए। हालिया रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में सामने आया PLA की तैनाती में कमी को इसी व्यापक डी-एस्केलेशन प्रक्रिया के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि सीमा पर चीन की सैन्य क्षमता पूरी तरह खत्म हो गई है। चीन ने LAC के आसपास बुनियादी ढांचे और सैन्य सुविधाओं को मजबूत करना जारी रखा है।
भारत-चीन संबंधों में सुधार के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई बातचीत में भी सीमा पर शांति और स्थिरता को द्विपक्षीय संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है। दोनों पक्षों ने सीमा विवाद के समाधान और रिश्तों को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करने पर जोर दिया है।
हालांकि, LAC पर PLA की तैनाती में कमी को केवल मोदी-जिनपिंग की बातचीत का सीधा परिणाम बताना जल्दबाजी होगी। रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट 2025 की सैन्य तैनाती से संबंधित है और इसमें सामने आया बदलाव कई चरणों में हुई डिसएंगेजमेंट और डी-एस्केलेशन प्रक्रिया से जुड़ा है।
गलवान के बाद LAC पर लंबे समय तक बने सैन्य तनाव के बीच चीनी सैनिकों की तैनाती में कमी को तनाव घटने के संकेत के तौर पर देखा जा सकता है। फिर भी भारत के लिए सीमा पर सतर्कता बनाए रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि सैन्य तैनाती घटने के बावजूद चीन की सीमा से जुड़ी सैन्य और रणनीतिक गतिविधियां जारी हैं।
