नई दिल्ली:– पानीपुरी का स्वाद तो आपने खूब लिया होगा, लेकिन क्या कभी पानीपुरी से बने गणपति बप्पा देखे हैं? पुणे में गणेशोत्सव के दौरान ऐसी ही अनोखी कलाकृति लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यहां करीब 21 हजार पानीपुरी का इस्तेमाल कर भगवान गणेश की भव्य प्रतिकृति तैयार की गई है। इस अनोखे गणपति को तैयार करने में करीब तीन महीने का समय लगा। प्रतिमा की जानकारी सामने आने के बाद बड़ी संख्या में लोग इसके दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
मुंबई से भी दर्शन करने पहुंचे लोग
पानीपुरी से बने गणपति की खबर फैलते ही यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगी। बच्चों से लेकर युवाओं और परिवारों तक में इस अनोखी प्रतिकृति को देखने का उत्साह नजर आ रहा है। आयोजकों के मुताबिक, मुंबई से भी कुछ लोग खास तौर पर पानीपुरी वाले गणपति के दर्शन करने पुणे पहुंचे हैं।
श्रद्धालु प्रतिकृति के साथ तस्वीरें और वीडियो बना रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी पानीपुरी से तैयार गणपति बप्पा की तस्वीरें और वीडियो लोगों का ध्यान खींच रहे हैं।
पानीपुरी को सुरक्षित रखना बना चुनौती
हजारों पानीपुरी से तैयार की गई इस प्रतिकृति को लंबे समय तक सुरक्षित रखना भी आसान नहीं है। नमी और वातावरण में बदलाव के कारण पानीपुरी के नरम पड़ने की आशंका रहती है। अगर पानीपुरी अपनी मजबूती खो दे तो पूरी संरचना प्रभावित हो सकती है।
इसी समस्या से बचने के लिए प्रतिकृति के आसपास हैलोजन लाइट्स लगाई गई हैं। इन लाइट्स से आसपास का वातावरण गर्म रखने की कोशिश की जाती है, ताकि पानीपुरी में नमी का असर कम हो और गणपति की प्रतिकृति लंबे समय तक अपने स्वरूप में बनी रहे।
गणेशोत्सव में अनोखे प्रयोग बन रहे आकर्षण
गणेशोत्सव में भगवान गणेश की प्रतिमाओं को अलग-अलग वस्तुओं और थीम के जरिए तैयार करने का चलन लगातार लोगों को आकर्षित कर रहा है। पुणे में इससे पहले चॉकलेट से तैयार गणपति की प्रतिकृति भी चर्चा में रह चुकी है। अब 21 हजार पानीपुरी से बने गणपति बप्पा ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
इस अनोखी प्रतिकृति में धार्मिक आस्था के साथ रचनात्मकता का भी मेल देखने को मिल रहा है। दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु इसे अलग तरह का अनुभव बता रहे हैं, वहीं बच्चों और युवाओं में इसे लेकर खास उत्साह देखा जा रहा है। फिलहाल पुणे में पानीपुरी से तैयार गणपति बप्पा की यह प्रतिकृति लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
