नई दिल्ली:- दीया जलाने का सही नियम और तरीका
दीए ना सिर्फ प्रकाश फैलाता है बल्कि जिंदगी में पॉजिटिविटी भी ले आता है। दीए जलाने से जुड़े कई ऐसे नियम हैं जो वास्तु शास्त्र में बताए गए हैं। जहां दीया घर की नेगेटिविटी को खत्म करता है। वहीं इसका सही तरीके से जलाए जाना भी उतना ही जरूरी है। जानें दीए को घर में नियम के अनुसार कहां-कहां जलाना सही नहीं माना जाता है?
बेडरूम में यहां ना जलाएं दीया
वास्तु शास्त्र के अनुसार बेडरूम में ठीक बेड के पास दीया नहीं जलाना चाहिए। ना ही साइड टेबल के पास दीया जलाना चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से तनाव बढ़ता है और चिड़चिड़ापन होता है। ऐसे में घर का माहौल भी प्रभावित होता है।
सीढ़ी के नीचे ना जलाएं दीया
वास्तु नियम के अनुसार कभी भी सीढ़ियों के ठीक नीचे दीया नहीं जलाना चाहिए। नियम के अनुसार इस जगह पर दीए को रखना सही नहीं माना जाता है। कोशिश करनी चाहिए कि ये जगह हमेशा साफ-सुथरी ही रहे।
इस दिशा में होनी चाहिए दीए की लौ
वास्तुशास्त्र के नियम के हिसाब से दीए की लौ किस ओर है ये बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। नियम के हिसाब से लौ कभी भी पश्चिम दिशा की ओर नहीं होनी चाहिए। दीया को जलाते हुए इसे पूर्व या फिर उत्तर दिशा में रखना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में पॉजिटिव एनर्जी आती है।
बाथरूम के अंदर ना रखें दीया
बाथरूम के आसपास दीया जलाने से बचना चाहिए। यहां पर दीया जलाना सही नहीं मानते हैं। इसे हमेशा साफ और पवित्र जगह पर ही जलाना चाहिए। ऐसे में बाथरूम के आसपास ये काम ना करें।
किचन में यहां ना जलाएं दीया
किचन में दीया जलाया जा सकता है लेकिन यहां पर हर जगह दीया रखना वास्तु के नियम के हिसाब से सही नहीं है। किचन में डस्टबिन, सिंक या फिर गंदे बर्तनों के पास दीया नहीं रखना चाहिए। पूजा वाला दीया हमेशा सही और साफ जगह पर ही जलाना चाहिए।
दीया जलाते वक्त रखें इस वक्त का ध्यान
जब भी आप दीया जलाएं तो ध्यान रखें कि इसे हमेशा साफ जगह पर रखें। इस बात का भी ध्यान रखें कि आसपास कूड़ा या गंदगी ना हो। पूरी श्रद्धा भाव के साथ दीया जलाए। साथ ही इसे हमेशा सुरक्षित जगह पर ही रखें।
