नई दिल्ली:- सुबह की नींद खोलने के लिए एक कप गरमागरम कॉफी कई लोगों की सुबह की जरूरत है। घर-ऑफिस का काम हो या दिनभर की थकान, कॉफी कुछ मिनटों में तरोताजा महसूस कराती है। बता दें कि कॉफी पीने में कोई समस्या नहीं है, बल्कि इसे कब, कितनी मात्रा में और किस तरह से पिया जा रहा है, यह इसके असर को अच्छा या खराब कर सकती है।
अगर आप भी दिन में कई बार कॉफी पीते हैं तो इन आम गलतियों पर नजर डालना जरूरी है।
खाली पेट कॉफी पीना
सुबह उठते ही बिना कुछ खाए कॉफी पीना कई लोगों की आदत होती है। इससे पेट में जलन, एसिडिटी या बेचैनी महसूस होती है। अगर आपको खाली पेट कॉफी के बाद प्रॉब्लम होती है, तो इसे नाश्ते के कम से कम 1 घंटे बाद लें।
कॉफी में ज्यादा चीनी डालना
कॉफी का स्वाद बढ़ाने के लिए एक के बाद एक चम्मच चीनी डालना धीरे-धीरे रोज की आदत बन जाती है, जो नुकसानदायक हो जाती है। खासकर फ्लेवर्ड कॉफी, सिरप और मीठी कॉफी ड्रिंक्स में चीनी की मात्रा काफी अधिक होती है।
शाम को देर से कॉफी पीना
शाम की थकान दूर करने के लिए कॉफी पीना आसान लगता है, लेकिन कैफीन का असर कई घंटों तक रहता है। अगर आपको रात में नींद आने में परेशानी होती है तो शाम के बाद कॉफी लेने से बचना चाहिए।
दिन में बार-बार कॉफी पीना
कॉफी पीने की शुरुआत तो हमेशा एक कप कॉफी से ही होती है और धीरे-धीरे यह कई कप तक पहुंच जाता है। इसलिए कैफीन की कुल मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है। ज्यादा कैफीन से कुछ लोगों को घबराहट, बेचैनी, धड़कन तेज महसूस होना या नींद खराब होने जैसी समस्या हो सकती है।
कॉफी के साथ मीठा स्नैक लेना
कई बार कॉफी के साथ बिस्किट, कुकीज या केक खाने की आदत बहुत आम है। कभी-कभार कॉफी के साथ कोई स्नैक ले लेना अलग बात है, लेकिन हर बार कॉफी के साथ मीठा या ज्यादा कैलोरी वाला स्नैक लेने से कैलोरी और चीनी का सेवन बढ़ सकता है।
पानी पीना कम कर देना
कुछ लोग दिनभर कॉफी, चाय और दूसरी ड्रिंक्स लेते हैं, लेकिन पानी कम पीते हैं। कॉफी को पानी का विकल्प न मानें। पूरे दिन पर्याप्त पानी पीना शरीर की अलग-अलग जरूरतों को पूरा करता है।
नींद पूरी न होने पर कॉफी पीना
रात में नींद पूरी न होने के बाद सुबह की कॉफी आपको कुछ समय के लिए अलर्ट महसूस करा सकती है, लेकिन यह नींद की कमी को पूरी नहीं कर सकती है। अगर रोज थकान रहती है तो सिर्फ कॉफी बढ़ाने के बजाय नींद और उसकी गुणवत्ता पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।
कॉफी पीने का सही तरीका क्या है?
कॉफी को पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं होती है। अपनी कुल कैफीन मात्रा, सोने का समय और शरीर की प्रतिक्रिया को ध्यान में रखना ज्यादा जरूरी है। अगर कॉफी पीने की आदत से बार-बार एसिडिटी, बेचैनी, धड़कन तेज होना या नींद खराब होने जैसी परेशानी होती है, तो इसकी मात्रा और समय पर ध्यान दें। साथ ही हर बार दूध और शक्कर वाली कॉफी की बजाय ब्लैक कॉफी पिएं।
