नई दिल्ली:- अधिकांश किचन सिर्फ देखने में सुंदर बनाए जाते हैं, लेकिन सिंक, फ्रिज और स्टोव के बीच सही दूरी न होने के कारण गैर-जरूरी कदम चलने पड़ते हैं। ‘किचन वर्क ट्रायंगल’ के नियम को फॉलो करके इस गैर-ज़रूरी भागदौड़ और थकान को आसानी से खत्म किया जा सकता है।
ज्यादातर लोग किचन बनवाते समय केवल इस बात पर ध्यान देते हैं कि वह किटी पार्टी या मेहमानों को दिखाने में कितना शानदार लगता है। लेकिन असली किचन वही सही माना जाता है जो रोज़मर्रा के कामों में कम्फर्ट और सहूलियत दे। अगर लेआउट सही नहीं होगा तो खाना बनाने जैसी दैनिक प्रक्रिया भी काफी थकाऊ लगने लगती है।
किचन में काम करने का एक तय क्रम होता है जैसे कि सब्जियां या सामान फ्रिज से निकलता है, सिंक में धुला जाता है, काउंटर पर कटता है, स्टोव पर पकता है और फिर कचरा डस्टबिन में जाता है। अगर ये सभी चीजें किचन में एक-दूसरे से बहुत दूर रखी होंगी, तो आपको बार-बार यहां से वहां चलना पड़ेगा जिससे बेवजह की थकान होगी
किचन ट्रायंगल का सबसे अहम नियम है कि फ्रिज, सिंक और स्टोव के बीच की दूरी बहुत ज्यादा या बहुत कम नहीं होनी चाहिए। इन तीनों के बीच कम से कम 5 कदम और अधिकतम 8 कदम का फ़ासला होना चाहिए। इससे सामान लेने, धोने और पकाने में कोई रुकावट नहीं आती और अनावश्यक चलना नहीं पड़ता।
जब आपके किचन में फ्रिज, सिंक और गैस स्टोव सही दूरी पर और त्रिकोण के रूप में व्यवस्थित होते हैं, तो काम बहुत तेजी से और आसानी से पूरा होता है। आपको बार-बार पूरी किचन के चक्कर नहीं लगाने पड़ते, जिससे आपकी कमर और पैरों में दर्द नहीं होता और मानसिक थकान भी नहीं होती।
