नई दिल्ली:- यूपीआई के चुनिंदा व्यापारी भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR लागू करने की योजना के खिलाफ व्यापारियों ने आवाज उठाई है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने वित्त मंत्री को पत्र लिखकर शुल्क वापस लेने की मांग की है। संगठन का कहना है कि त्योहारी सीजन में इससे छोटे दुकानदारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ेगा।
त्योहारी कारोबार प्रभावित होने की आशंका
सीटीआई का कहना है कि त्योहारों के दौरान बाजारों में खरीदारी बढ़ती है और बड़ी संख्या में ग्राहक यूपीआई से भुगतान करते हैं। संगठन ने आशंका जताई है कि अतिरिक्त शुल्क के कारण कुछ दुकानदार बड़े बिलों के लिए डिजिटल भुगतान स्वीकार करने से पीछे हट सकते हैं। इससे ग्राहकों और कारोबारियों, दोनों को परेशानी हो सकती है।
संगठन ने शुल्क वापस लेने अथवा इसे कम से कम 1 जनवरी 2027 तक टालने की मांग रखी है। साथ ही 40 लाख रुपये तक सालाना कारोबार वाले छोटे व्यापारियों को स्थायी छूट देने की मांग भी की गई है।
लागू होने की तारीख आगे बढ़ने की संभावना
इस बीच, शुल्क लागू करने की समय-सीमा आगे बढ़ाने पर विचार होने की खबर सामने आई है। रॉयटर्स की 8 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार इसे कुछ महीनों के लिए टालने पर विचार कर रही है। हालांकि, रिपोर्ट में अंतिम निर्णय लंबित बताया गया है। इसलिए 15 अक्टूबर से शुल्क लागू होने को अभी निश्चित मानना उचित नहीं होगा।
