नई दिल्ली:- एशियन गेम्स 2026 के पदकवीरों से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय मंच पर सफलता हासिल करने वाले खिलाड़ियों की सराहना की। उन्होंने 15 और 17 साल के खिलाड़ियों का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रतिभाओं को शुरुआती उम्र में पहचानना और आगे बढ़ने का अवसर देना जरूरी है। उनकी इस टिप्पणी को युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
गुरुवार, 15 अक्टूबर को नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, सहयोगी स्टाफ और उनके परिवारों को बधाई दी। उन्होंने भारतीय दल की उपलब्धियों को पूरे देश के लिए गर्व का अवसर बताया।
वैभव सूर्यवंशी से क्यों जोड़ा जा रहा बयान?
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कम उम्र के खिलाड़ियों ने भी पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने शुरुआती उम्र से खेलों में भागीदारी को खिलाड़ियों के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का हिस्सा थे। इसी वजह से प्रधानमंत्री की टिप्पणी को उनकी उपलब्धि से जोड़कर देखा जा रहा है। संबोधन के इस हिस्से में प्रधानमंत्री ने वैभव का नाम नहीं लिया था।
महिला खिलाड़ियों ने जीते 38 पदक
प्रधानमंत्री ने महिला खिलाड़ियों के प्रदर्शन को विशेष रूप से सराहा। भारत के कुल 85 पदकों में से 38 महिला खिलाड़ियों ने जीते, जिनमें 11 स्वर्ण पदक शामिल रहे। उन्होंने इन उपलब्धियों को खेलों में भारतीय महिलाओं की बढ़ती ताकत का उदाहरण बताया।
हॉकी, कबड्डी और तीरंदाजी की उपलब्धियों का उल्लेख
भारतीय महिला हॉकी टीम के 44 साल बाद स्वर्ण जीतने का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने पुरुष हॉकी टीम के प्रदर्शन की भी प्रशंसा की। कबड्डी में पुरुष और महिला टीमों के स्वर्ण तथा तीरंदाजी में पांच स्वर्ण पदकों को उन्होंने महत्वपूर्ण उपलब्धियां बताया।
उन्होंने भारोत्तोलन में 28 साल बाद पदक मिलने और सॉफ्ट टेनिस व मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स जैसे खेलों में पहली बार मिली सफलता का भी उल्लेख किया।
आगामी प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी का आह्वान
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से आने वाली प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी मजबूत करने को कहा। उन्होंने 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक और भारत की 2036 ओलंपिक की मेजबानी की आकांक्षा का उल्लेख किया। खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि हर मैदान पर तिरंगे का मान बढ़ाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ना है।
