नई दिल्ली:- देश की राजधानी दिल्ली में होने वाली रामलीला में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के साथ-साथ 30 फुट ऊंचे एक ‘कॉकरोच’ (तिलचट्टे) का पुतला भी जलाया जाएगा। पीतमपुरा में यह आयोजन किया जा रहा है। कहा गया है कि गंदगी को खत्म करने के लिए रावण के साथ 30 फुट के कॉकरोच का पुतला भी जलाया जाएगा। सोशल मीडिया पर इसे लेकर विरोध और समर्थन से जुड़े बयान सामने आ रहे हैं।
रामलीला में कॉकरोच के खड़े होने पर भड़का ‘रावण’
सोशल मीडिया एक्स पर कुछ यूजर्स रामलीला में रावण-कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के साथ 30 फुट के कॉकरोच पर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस(AI) की मदद से वीडियो भी पोस्ट कर रहे हैं। एक ने वीडियो पोस्ट किया, जिसमें रावण अपने साथ खड़े कॉकरोच पर भड़कते हुए कहता है कि ‘ये कीड़ा कहां से आ गया? इसकी इतनी औकात कि हमारे बराबर खड़ा हो गया।’
एक यूजर ने कहा-ये कॉकरोच नहीं, कॉकरोच के रिश्तेदार
एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा-‘यहां तक कि तिलचट्टे भी भाजपा से नफरत करते हैं। मुख्य न्यायाधीश नहीं, बल्कि असल जिंदगी के तिलचट्टों ने ज्ञानेश कुमार का समर्थन करते हुए केरल भाजपा के एक कार्यक्रम में बाधा डाली। यह तो आत्मघाती कदम और एक ही झटके में हुई आपदा है।’ एक ने लिखा-कॉकरोच नहीं, बल्कि कॉकरोच के रिश्तेदार।
एक यूजर ने कहा-ये कॉकरोच नहीं, कॉकरोच के रिश्तेदार
एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा-‘यहां तक कि तिलचट्टे भी भाजपा से नफरत करते हैं। मुख्य न्यायाधीश नहीं, बल्कि असल जिंदगी के तिलचट्टों ने ज्ञानेश कुमार का समर्थन करते हुए केरल भाजपा के एक कार्यक्रम में बाधा डाली। यह तो आत्मघाती कदम और एक ही झटके में हुई आपदा है।’ एक ने लिखा-कॉकरोच नहीं, बल्कि कॉकरोच के रिश्तेदार।
एक यूजर ने लिखा-दशहरे के दिन जलाना ठीक नहीं
एक और यूजर ने लिखा-‘विजयदशमी के दिन रामलीला मैदान में एक विशाल कॉकरोच को जलाने के विचार के पक्ष में नहीं हूं। इससे एक अनावश्यक विवाद खड़ा हो जाएगा। रामलीला इसके लिए सही जगह नहीं है। अगर आप ऐसा करना ही चाहते हैं, तो किसी और दिन और समय पर इसे अलग से जला लें।’
कॉकरोच का पुतला जलाने में क्या बुराई
वहीं, एक और यूजर ने लिखा-रावण बुराई का प्रतीक है, ठीक वैसे ही जैसे आज के दौर के ये तथाकथित ‘कॉकरोच’ हैं। तो फिर, रामलीला मैदान में रावण के साथ-साथ किसी कॉकरोच का पुतला जलाने में क्या बुराई है? मुझे इसमें कुछ भी गलत नहीं लगता।
