रीवा, 4 फरवरी । मध्यप्रदेश के रीवा नकली टाइम बम केस मामले में यूपी के प्रयागराज से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मास्टरमाइंड मैकेनिकल इंजीनियर है। जिले में 15 दिन के अंदर पांच जगहों पर टाइम बम लगाने की घटना सामने आई थी। फर्जी बम के साथ एक धमकी भरी चिट्ठी होती थी। इस चिट्ठी में यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ का नाम होता था। पुलिस ने इस मामले में खुलासा कर दिया है। साथ ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी मैकेनिकल इंजीनियर है। बेरोजगारी की वजह से वह इस तरह की हरकत कर रहा था। उसके साथ दो युवकों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
दरअसल, जनवरी 2022 में लगातार घर रही ऐसी घटनाओं को लेकर सोहागी थाने में केस दर्ज किया गया था। आरोपी की तलाश पुलिस और साइबर सेल की टीम संयुक्त रूप से कर रही थी। जांच के दौरान घटना स्थल के समीपस्थ सीसीटीवी फुटेज और बंसल टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक संदिग्ध सेंट्रो कार को रात करीबन दस बजे गुजरते हुए देखा गया। यह कार सोनौरी तरफ जा रही थी। फिर सोनौरी में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी उस कार को देखा गया।
सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि सोनौरी चौराहे आकर कार ककरहा तरफ मुड़ गई। इसके बाद कार को मानपुर प्रयागराज उ.प्र . के साइकल दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में रात करीबन साढ़े 10 बजे गुजरते हुए देखा गया। इसके बाद पुलिस की टीम ने रास्ते में पड़ने वाले अन्य सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को देखा। इस दौरान संदिग्ध सिल्वर रंग सेंट्रो कार जिसका नंबर DL7CJ-1494 को पकड़ा गया।
मामले में तीन संदेहियों को पुलिस ने दबिश देकर हिरासत में भी लिया। इसके बाद तीनों से पूछताछ की गई। आरोपियों ने पुलिस अभिरक्षा में जुर्म स्वीकार कर लिया है। एसपी नवनीत भसीन ने बताया कि कोर्ट में पेशी के बाद सभी को जेल भेजा जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों में प्रकाश सिंह, रामतीरथ हरिजन और दिवेश दुबे हैं। तीनों आरोपी यूपी के रहने वाले हैं। इनके पास से पुलिस की टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सर्किट मदर बोर्ड, पेंट, टेप एल्युमीनियम तार, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, पेन लोहे की आरी, प्लास्टिक के पाइप, मोबाइल और घटना में प्रयुक्त सेंट्रो कार क्रमांक DL7CJ1494 जब्त किया है।
इस मामले में मास्टरमाइंड प्रकाश सिंह सोमवंशी है। गिरफ्तारी के बाद उसने पुलिस को बताया कि मैंने 2010 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। प्राइवेट नौकरी करता था, मिर्गी आने की वजह से नौकरी से निकाल दिया गया। इसके बाद उसने सोचा कि इस तरह से काम करके मैं शासन और प्रशासन तक अपनी बात पहुंचा सकता हूं।