
पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री की बेटी की नौकरी पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल के शिक्षा राज्य मंत्री परेश चन्द्र अधिकारी की बेटी की सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में बतौर शिक्षक नियुक्ति को रद्द कर दिया और उनसे 41 महीने की नौकरी के दौरान प्राप्त सारा वेतन लौटाने का निर्देश दिया है। पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले का मामला कोर्ट में है।
भर्ती घोटाले से संबंधित याचिका पर सुनवाई करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंत्री की पुत्री को नौकरी से निकालने का आदेश दिया है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने अपने आदेश में ये भी कहा है कि मंत्री की पुत्री वेतन के मद में प्राप्त की गई धनराशि भी लौटाए। कोर्ट ने दो किश्त में वेतन लौटाने का आदेश दिया है। ये आदेश कलकत्ता हाईकोर्ट की एकल पीठ ने दिया है।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल के शिक्षा विभाग के मंत्री परेश अधिकारी की बेटी अंकिता अधिकारी को नौकरी से बर्खास्त करने का आदेश दिया। कलकत्ता हाईकोर्ट की एकल पीठ ने अपने आदेश में ये भी कहा कि अंकिता अधिकारी नौकरी की अवधि के दौरान वेतन के मद में मिली धनराशि भी वापस करें। कोर्ट की ओर से अंकिता को वेतन के मद में प्राप्त धनराशि दो किश्तों में लौटाने के लिए कहा गया है। इसकी पहली किश्त 7 जून के पहले लौटानी होगी। गौरतलब है कि शिक्षक भर्ती में अनियमितता की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है। सीबीआई ने अंकिता अधिकारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था।
अंकिता अधिकारी पर आरोप है कि अपने पिता की पोजिशन का फायदा उठाते हुए स्कूल सर्विस कमीशन की मेधा तालिका में अपना नाम चढ़वाया और इसके बूते शिक्षक की सरकारी नौकरी हासिल की।