नई दिल्ली: सरकारी कामकाज से लेकर बैंकिंग या अन्य जरूरी काम के लिए आधार का होना अनिवार्य है. साथ ही आधार कार्ड में दी गई जानकारी का पूरी तरह अपडेटेड होना हम सभी के लिए काफी अहम है. Unique Identification Authority of India समय समय पर आधार को लेकर सभी तरह के अपडेट्स देता रहता है. अब UIDAI ने आधार से जुड़े फर्जीवाड़े को रोकने के लिए धांसू प्लान ला रहा है.
जानिए क्या है UIDAI का नया प्लान!
अब यूआईडीएआई ने आधार से जन्म और मृत्यु के डेटा को जोड़ने का फैसला लिया है. इके तहत अब नवजात शिशु को अस्थाई आधार नंबर जारी किया जाएगा, बाद में इसे बायोमीट्रिक डेटा के साथ अपग्रेड किया जाएगा. इतना ही नहीं, मृत्यु के पंजीकरण के रिकॉर्ड को भी आधार के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि इन नंबर के दुरुपयोग को रोका जा सके. यानी आधार में अब हर व्यक्ति के जन्म से लेकर डेथ तक के आंकड़े जोड़े जाएंगे.
दो पायलट प्रोजेक्ट का प्लान :
UIDAI के एक अधिकारी की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, ‘जन्म के साथ ही आधार नंबर अलॉट करने से यह सुनिश्चित होगा कि बच्चे और परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके. इससे कोई भी सामाजिक सुरक्षा के लाभ से वंचित नहीं रहेगा. इसी तरह मृत्यु के डेटा से आधार को जोड़ने से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजना के दुरुपयोग को रोका जा सकेगा. अभी ऐसे कई मामले सामने आते हैं जिनमें लाभार्थी की मौत के बाद भी उसके आधार का इस्तेमाल हो रहा था. इसके लिए जल्दी ही 2 पायलट प्रोजेक्ट शुरू होंगे.’
जानिए क्या है जीरो आधार?
दरअसल, समय-समय पर UIDAI ग्राहकों के हित के लिए प्लान पेश करता रहता है. अब यूएआईडीएआई की जीरो आधार अलॉट करने की भी योजना बना रहा है. इससे फर्जी आधार नंबर जेनरेट नहीं होगा, यानी किसी तरह का फर्जीवाड़ा नहीं हो सकेगा. इसके तहत एक व्यक्ति को एक से ज्यादा आधार नंबर अलॉट नहीं किए जा सकेंगे. जीरो आधार नंबर ऐसे लोगों को दिया जाता है जिनके पास जन्म, निवास या आय को कोई प्रमाण नहीं होता है.