Free Medical-Engineering Coaching: 11 और 12वीं में पढ़ने वाली छात्राओं को उनके विषय के मुताबिक स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही अतिरिक्त क्लास के माध्यम से करायी जाएगी। प्रथम चरण में 11 जिलों में 12 स्कूलों का चयन किया गया है। जिसमें पटना के कदमकुआं और मोकामा स्थित अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय प्लस टू उच्च विद्यालय शामिल है।
12 विद्यालयों में तैयारी करने वाले छात्राओं की सफलता के आधार पर अन्य जिलों में संचालित पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय प्लस टू उच्च विद्यालय में तैयारी शुरू होगी।पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, सारण, रोहतास सहित 11 जिलों में स्थित पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय प्लस टू उच्च विद्यालयों में पढ़ने वाली 25 सौ छात्राओं को नि:शुल्क मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी करवाएगा। तैयारी के दौरान छात्राएं नेशनल टेस्ट एजेंसी के माध्यम से ऑनलाइन परीक्षा देंगी।रैंकिंग का निर्धारण कर तैयारी पर दिया जाएगा ध्यान: मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले छात्राओं का नेशनल टेस्ट एजेंसी के माध्यम से ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान जिन छात्राओं को नंबर कम होगा, उन्हें विशेष क्लास के द्वारा निर्धारित विषय की तैयारी करायी जाएगी।
तेज छात्राएं के माध्यम से ग्रुप डिस्कशन का आयोजन होगा। जिससे कमजोर छात्राओं को मदद मिल सके और तेज छात्राएं अपने विषय को अच्छी तरह से याद कर सके।प्रत्येक स्कूल का 25 हजार रुपए का बजट:मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए 12 स्कूलों के लिए तीन लाख रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। जिसमें प्रत्येक स्कूल को 25 हजार रुपए दिया जाएगा। इन पैसे से विद्यालय मेडिकल और इंजीनियरिंग का निर्धारित सिलेब्स का एक-एक सेट खरीदेंगे। जिसको स्कूल के पुस्तकालय में रखा जाएगा। छात्राओं को ऑनलाइन क्लास के माध्यम से जानकारी दी जाएगीऔर आवश्यकतानुसार छात्राओं को ऑफलाइन भी सहयोग किया जाएगा।इस दौरान 12 विद्यालयों में कार्यरत भौतिक, रसायन, गणित, जीव विज्ञान के शिक्षकों को दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जिससे वह छात्राओं के पढ़ाने के तरीके, मेडिकल और इंजीनियरिंग में पूछे जाने वाले प्रश्न की रुपरेखा सहित अन्य की जानकारी दी जाएगी। शिक्षक द्वारा निर्धारित सिलेबस को पढ़ाने के साथ ही एनटीए द्वारा छात्राओं का टेस्ट होगा। जिससे उनके तैयारियों के बारे में जानकारी मिल सके