नई दिल्ली:– पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से जो अपील की है, उसपर असदुद्दीन ओवैसी ने निशाना साधा है। एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा कि पीएम मोदी और बीजेपी सरकार देशभक्ति की आड़ में देश से कुछ छिपा रहे हैं। ओवैसी ने दावा किया कि लगता है हालात खराब होने वाले हैं और अब देश की जनता को तकलीफ सहने का वक्त आ चुका है। असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम मोदी की तरफ से सोना नहीं खरीदने की अपील पर हमला किया है।
आज भारत लंदन से सोना मंगवा रहा है’
मीडिया से बात करते हुए असदुद्दीन असदु्द्दीन ओवैसी ने मंगलवार को कहा, सरकार चाहती है कि राज्य सोने का रिजर्व रखें और व्यापार के लिए डॉलर का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि बैलेंस ऑफ पेमेंट संकट की वजह से 1991 में भारत ने 47 टन सोना लंदन भेजा था। आज 2026 में वही भारत लंदन से सोना एयरलिफ्ट करके मंगवा रहा है।
पीएम मोदी का बयान बहुत ही चौंकाने वाला
एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा कि जब हमारे पास 691 बिलियन डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है और हमारे पास सोने का इतना बड़ा रिजर्व है फिर हमें समस्याओं का सामना क्यों करना पड़ रहा है? उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में प्रधानमंत्री के बयान बहुत ही चौंकाने वाला है।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध और तनाव के कारण पश्चिम एशिया संकट बढ़ने की आशंका से देश के सामने कुछ एहतियाती उपाय साझा किए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से अपील की है कि अगले एक साल तक सोना खरीदने से परहेज करें, जिससे उसपर अनावश्यक विदेशी मुद्रा खर्च न हो।
तेल का पर्याप्त रणनीतिक भंडार उपलब्ध
बता दें कि पश्चिम एशिया संकट के कारण सबसे बड़ी दिक्कत होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से हो रही है। इससे खाड़ी देशों से कच्चा तेल और गैस के आयात पर भयानक रूप से असर पड़ रहा है। वहीं, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के मुताबिक देश में तेल का पर्याप्त रणनीतिक भंडार उपलब्ध है, लेकिन फिर भी पश्चिम एशिया संकट की अनिश्चितता को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से गुजारिश की है कि निजी के बजाए, ज्यादा से ज्यादा सार्वजनिक परिवहन के साधनों का उपयोग करें।
