पाली। पाली जिले के चंद KM की दूरी पर स्थित लांबिया गांव में बुधवार को दिल का झकझोर देने वाली घटना हुई। तीन साल के भाई को नाडी में डूबते देख उसे बचाने के लिए दो बहनें नाडी में उतरीं, लेकिन वे उसे बचा नहीं सकीं। हादसे में तीनों की डूबने से मौत हो गई।
ग्रामीणों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद तीनों के शव नाडी से निकाले। देर शाम को तीनों के शवों का अंतिम संस्कार किया गया। सदर थाने के SHO रविन्द्र सिंह ने बताया कि थाना क्षेत्र के लाम्बियां गांव में सरकारी स्कूल के निकट नाडी है।
जहां खरताराम का बाड़ा आया हुआ है। दोपहर को उसकी नौ साल की बेटी दुर्गा, छह साल की बेटी प्रियंका और तीन साल का बेटा धीरज बाड़े में गए। इस दौरान खेलते समय धीरज नाडी में उतर गया। उसे डूबता देख प्रियंका और दुर्गा भी नाडी में उतरीं लेकिन गहरे पानी में जाने से तीनों डूब गए।
ग्रामीणों को पता चला तो मौके पर पहुंचे और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद तीनों मासूमों के शव नाडी से बाहर निकलवाए गए। लाम्बिया हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम करवाया और देर शाम तीनों का अंतिम संस्कार किया गया।
परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल
एक साथ तीनों बच्चों की अकाल मौत से खरताराम मेघवाल के परिवार पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उसे अब भी यकीन नहीं हो रहा कि उसके तीनों बच्चे अब इस दुनिया में नहीं रहे। खरताराम की पत्नी तो घटना की जानकारी मिलने के बाद बेशुद हो गई।