दिल्ली। दिल्ली-NCR में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं. भूकंप आने के बाद लोग घर और दफ्तरों से बाहर की तरफ भागने लगे. आज ही उत्तराखंड के ऋषिकेश में भी भूंकप के झटके लगे थे. रिक्टर स्केल पर उनकी तीव्रता 3.4 मापी गई है. भूकंप का मुख्य केंद्र नेपाल है। उत्तराखंड में शनिवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। शाम चार बजकर 25 मिनट पर भूकंप आया। जानकारी के अनुसार ऋषिकेश भूकंप का केंद्र रहा।
रिक्टर पैमाने में 3.4 तीव्रता दर्ज की गई। इससे पहले नौ नवंबर को तड़के दो बार भूकंप आया था। भूकंप के झटके उत्तराखंड समेत उत्तर भारत में महसूस किए गए थे। रात करीब दो बजे के बाद सुबह 6.27 बजे दूसरी बार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रात में जग रहे लोग दहशत के मारे घरों से बाहर निकल आए थे। समाचार एजेंसी के मुताबिक भूकंप का पहला केंद्र नेपाल में था। रिक्टर स्केल में इसकी तीव्रता 6.3 नापी गई थी।
भूकंप का केंद्र जमीन के 10 किलोमीटर अंदर था। वहीं दूसरा केंद्र पिढ़ोरागढ़ रहा, जिसकी तीव्रता 4.3 थी। बता दें कि उत्तराखंड भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील सिस्मिक जोन फोर में आता है। एक बार प्रदेश ने भूकंप की वजह से बड़ी तबाही झेली है। बीते नौ नवंबर की भोर आए भूकंप ने लोगों के अंदर दहशत भर दी है। देशभर में लगातार आ रहे भूकंप की वजह से डोलती धरती से डरना जरूरी है!
देशभर में 08 हजार बार रोजाना 2.0 तक की तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। जबकि, उत्तराखंड में इस साल-2022 अभी तक 700 से अधिक छोटे-बड़े भूकंप आ चुके हैं। हालांकि ज्यादातर भूकंप तीन मेग्नीट्यूड से कम के थे। राहत की बात यह थी कि भूकंप का मेग्नीट्यूड कम होने की वजह से लोगों ने झटके महसूस नहीं किए।
जबकि, राज्य में साल भर में 13 ऐसे भूकंप आए, जिनकी क्षमता चार मेग्नीट्यूड से ज्यादा रही और लोगों ने इन्हें महसूस भी किया। वहीं वैज्ञानिकों ने पर्वतीय क्षेत्रों में भूकंप रोधी तकनीक के बिना बन रही बहुमंजिला इमारतों और अवैज्ञानिक विकास कार्यों के लिए भी चेताया है। वाडिया हिमालयन भू-विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिकों के मुताबिक, छोटे-छोटे भूकंप से पृथ्वी के अंदर से बड़ी ऊर्जा रिलीज होती है और बड़े भूकंप का खतरा टलता रहता है।