नई दिल्ली:– अयोध्या में एक अत्यंत ऐतिहासिक और भावनाओं से भरा क्षण देखने को मिला, जब श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा को विधि-विधान के साथ फहराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और अभिजीत मुहूर्त के शुभ समय में हुए इस ध्वजारोहण समारोह ने पूरे रामनगरी को एक आध्यात्मिक उत्सव में बदल दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पवित्र अवसर पर हाथ जोड़कर भगवान श्रीराम को नमन किया, जिससे वातावरण भक्ति और श्रद्धा से परिपूर्ण हो उठा।
22 फीट लंबी ध्वजा बनी शान का प्रतीक
धर्म ध्वजा लगभग 22 फीट लंबी और 11 फीट चौड़ी है, जिसमें कोविदार वृक्ष, सूर्यवंश का प्रतीक और ‘ॐ’ का पवित्र चिन्ह अंकित है। आधुनिक इलेक्ट्रिक सिस्टम की मदद से इसे मंदिर के शिखर तक पहुंचाया गया। यह ध्वज न केवल मंदिर निर्माण की पूर्णता का प्रतीक है, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत, सनातन परंपरा और आस्था की अनंत शक्ति का भी द्योतक है।
उत्सव में रंगी रामनगरी, हजारों श्रद्धालु बने सहभागी
ध्वजारोहण के दौरान अयोध्या की सड़कों पर जय श्रीराम के जयकारे गूंजते रहे। सात अलग-अलग सांस्कृतिक मंचों पर लोक कलाकारों ने नृत्य, गायन और पारंपरिक प्रस्तुतियों से पूरे माहौल को भव्य बना दिया। हजारों श्रद्धालु, संत-महंत और देश भर से आए भक्त इस अद्वितीय क्षण के साक्षी बने। चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और दिव्य वातावरण में संपन्न हुआ।
“मंदिर सपनों से भी अधिक शुभकर बना” – मोहन भागवत
समारोह में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि इस दिन के लिए अनगिनत राम भक्तों ने अपने प्राण अर्पण किए हैं। उन्होंने बताया कि भगवा धर्म ध्वज पर अंकित कोविदार वृक्ष देवगुणों का समुच्चय है और यह धर्म के उत्थान का प्रतीक है। उनके अनुसार मंदिर वही नहीं बना जिसकी कल्पना की गई थी, बल्कि वह उससे भी अधिक शुभकर और भव्य स्वरूप में साकार हुआ है।
“भगवा ध्वज धर्म और राष्ट्रधर्म का प्रतीक” – CM योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर को 140 करोड़ भारतीयों की आस्था और स्वाभिमान का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह भगवा ध्वज धर्म, निष्ठा, सत्य, न्याय और राष्ट्रधर्म का प्रतीक है। उन्होंने इस मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले सभी कर्मयोगियों का अभिनंदन किया और कहा कि धर्म का प्रकाश अमर है तथा रामराज्य के सिद्धांत शाश्वत हैं।
