नई दिल्ली:– उम्र का फासला, समाज के ताने और रिश्तों पर उठते तीखे सवाल—इन सबको पीछे छोड़ते हुए 60 साल की गीता और 40 साल के निखिल ने एक-दूसरे का साथ चुनकर साबित कर दिया कि प्यार किसी उम्र, हालात या सामाजिक सोच का मोहताज नहीं होता।
गीता, जो 28 साल की शादी के बाद तलाक और मानसिक टूटन का दर्द झेल चुकी थीं, जिंदगी से लगभग उम्मीद छोड़ चुकी थीं, वहीं निखिल ने न उम्र देखी, न बीते कल की परछाइयों से डराया और न ही लोगों की बातों को अहमियत दी।
डॉग वैक्सीनेशन ड्राइव के दौरान हुई एक मुलाकात से शुरू हुई दोस्ती धीरे-धीरे भरोसे और सुकून में बदली और तीन साल बाद 11 दिसंबर 2020 को दोनों ने सबके खिलाफ जाकर शादी कर ली।
इस रिश्ते को लेकर निखिल को “40 साल का लड़का और 60 साल की पत्नी?” जैसे तानों का सामना करना पड़ा, वहीं गीता खुद भी एक समय यह मान बैठीं कि निखिल उनसे बेहतर अपनी उम्र की किसी लड़की के साथ खुश रहेगा, लेकिन निखिल का अडिग भरोसा और बिना शर्त प्यार ही इस रिश्ते की सबसे बड़ी ताकत बना।
आज गीता और निखिल मानते हैं कि सोच और अनुभव अलग हो सकते हैं, लेकिन संवाद, सम्मान और प्यार हर बहस से बड़ा होता है, और यही वजह है कि उनकी कहानी सिर्फ एक शादी नहीं बल्कि समाज की सोच से आगे बढ़ने की हिम्मत और सच्चे प्यार की मिसाल बन गई है।
