नई दिल्ली :– विज्ञान भवन में ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ का आयोजन संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर चर्चा से पहले किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि देश की संसद एक नए इतिहास के निर्माण के करीब है, जो अतीत के संकल्पों को साकार करते हुए भविष्य के लक्ष्यों को पूरा करेगा। पीएम मोदी ने इस पहल को 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक बताया और कहा कि यह पूरी तरह नारी शक्ति को समर्पित है। उन्होंने जोर दिया कि महिलाओं की भागीदारी लोकतंत्र को और मजबूत बनाएगी और सामाजिक न्याय को व्यवहारिक रूप देगी। इस दौरान उन्होंने बैसाखी और नववर्ष की शुभकामनाएं दीं तथा जलियांवाला बाग के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने बताया कि 16 अप्रैल से संसद के बजट सत्र की विशेष बैठक होगी, ताकि इस अधिनियम को जल्द लागू किया जा सके और देशभर की महिलाओं का आशीर्वाद प्राप्त हो।
