मध्य प्रदेश:– शिक्षा से पर्यावरण संरक्षण को भी जोड़ते हुए ग्वालियर के राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ने अभिनव पहल की है। विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में बीएससी (कृषि) पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को एक-एक पौधा रोपना और उसकी देखरेख की जिम्मेदारी लेनी होगी।
इसके आधार पर विद्यार्थियों को डिग्री के साथ ग्रीन ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालय ने नवागत छात्रों के लिए ‘ग्रीन ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट’ योजना की शुरुआत की है।
522 छात्र-छात्राओं को मिली जिम्मेदारी
मध्य प्रदेश में विश्वविद्यालय से संबद्ध ग्वालियर, इंदौर, सीहोर, खंडवा और मंदसौर जिलों में स्थित कृषि महाविद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2025-26 में 522 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है।
विश्वविद्यालय की डीन डा. मृदुला बिल्लौरे ने बताया कि योजना के अनुसार इन सभी महाविद्यालयों के परिसर में विद्यार्थियों को एक-एक पौधा रोपना अनिवार्य होगा। चार वर्ष में डिग्री पूरी होने तक पौधे की देखभाल की जिम्मेदारी छात्र की होगी।
