कोटा, 15 मार्च । राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के बिजोलियां के पास पुलिस हिरासत में कोटा के कुख्यात अपराधी सरगना भानु प्रताप सिंह राजावत और दो पुलिसकर्मियों की हत्या और चार पुलिसकर्मियों को गंभीर रूप से घायल करने के मामले में वांछित एवं कुख्यात एक इनामी बदमाश को छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार किया गया हैं।
पुलिस अधीक्षक (शहर) केसर सिंह शेखावत ने बताया कि कोटा संभाग में वर्चस्व स्थापित करने के लिए कोटा के खेड़ली फाटक निवासी कुख्यात सरगना शिवराज सिंह हाडा और झालावाड़ जिले के खानपुर क्षेत्र के डूंडा गांव के निवासी एवं बदमाश भानू प्रताप सिंह राजावत के बीच पिछले काफी सालों से संघर्ष चल रहा था जिसके चलते भानू प्रताप गिरोह ने वर्ष 2008 में शिवराज के निकट सहयोगी लाला बैरागी की कोटा और वर्ष 2009 में उसके छोटे भाई ब्रजराज सिंह हाडा की बिजोलिया के पास गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इस मामले में भानु प्रताप की गिरफ्तारी के बाद ब्रजराज सिंह और उसके साथियों ने भीलवाड़ा जिले में बिजोलियां के पास ही भानु प्रताप सिंह राजावत की एके-47 राइफल और पिस्तौल से गोलियां मारकर वर्ष 2011 में पुलिस हिरासत में उस समय हत्या कर दी थी जब उसे पेशी के लिए उदयपुर जेल से झालावाड़ लाया जा रहा था। ब्रजराज सिंह गिरोह की इस गोलीबारी में भानू प्रताप सिंह और उसे कोटा ला रहे दो पुलिसकर्मी मारे गए, जबकि चार पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
इस मामले में शामिल ब्रजराज सिंह और उसके कुछ साथी तो गिरफ्तार हो गए लेकिन इस नरसंहार में शामिल कुख्यात बदमाश नरेंद्र सिंह हाडा उर्फ चिंटू बना उर्फ़ अंकित पिछले 11 वर्ष से फरार था। यह बृजराज सिंह का छोटा भाई है।
श्री शेखावत ने बताया कि इसकी तलाश में लगी पुलिस की टीम ने साइबर सेल की मदद से उसके दिल्ली में किसी स्थान पर होने का पता लगा लेकिन यह वहां से छत्तीसगढ़ फरार हो गया। नरेंद्र सिंह को छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले के अकलतरा गांव से कल गिरफ्तार कर लिया, जिससे कोटा लाकर अदालत में पेश किया जाएगा। भीलवाड़ा जिला पुलिस को भी उसकी गिरफ्तारी की सूचना दी गई है क्योंकि उसके खिलाफ हत्या का मामला बिजौलियां में दर्ज है।