रायपुर. हिंदुस्तान पेट्रोलियम के डीजल में पानी मिलाकर एजेंसी को 28केएल डीजल सप्लाई करने का बड़ा मामला सामने आया है. मामले के खुलासे के बाद ड्रायवर फरार है जबकि ट्रांसपोर्टर्स एवं हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के अफसरों के रवैये पर उंगलियां उठ रही हैं. भिलाई के अवधेश ट्रांसपोर्ट से एक गाड़ी 28 केएल डीजल लेकर बालाजी फ्यूल कुडुमकेला जिला रायगढ़ के लिए निकली.
रास्ते में उसने हिन्दुस्तान पेट्रोलियम की जांच एजेंसी में डीजल का सेंपल चेक कराया तो पानी मिला हुआ पाया गया. नियम मुताबिक तब इस माल को कंपनी द्वारा रोक लिया जाना चाहिए था लेकिन उसने ऐसा नही बल्कि डीजल गाड़ी को बालाजी फ्यूल कुडुमकेला को भेज दिया गया. इधर जब डीजल भरकर गाड़ी श्री बालाजी फयूल पहुंची तो वहां पर 10 kl डीज़ल ही खाली कराया गया.
इसी दौरान सेंपल चेक में पता चला कि डीजल में पानी मिला हुआ है तो एजेंसी मालिक के होश फाख्ता हो गए. उन्होंने ड्रायवर को पकड़कर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने गोलमोल जवाब दिया और थोड़ी देर में बहाने बनाकर फरार गया. इसके बाद आनन फानन में हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के डिपोट मैनेजर गौतम कुमार को फोन करके जानकारी दी गई तो उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर की लेकिन वे इस सवाल का जवाब नही दे सके कि जब सेंपल फेल हो गया तो कंपनी ने इस ट्रक को भेजने की अनुमति कैसे दी!
एजेंसी मालिक का कहना है कि ड्रायवर भी शक के घेरे में हैं लेकिन वह इतनी बड़ी मात्रा में मिलावट नही कर सकता. इसके पीछे बड़ा रैकेट काम कर रहा है जिनमें ट्रांसपोर्ट का मालिक और डिपो मैनेजर की संदिग्ध भूमिका है. श्री बालाजी फ्यूल के संचालक ने समस्या का निदान ना होने पर उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की धमकी दी है. मामले के खुलासे के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि हिंदुस्तान पेट्रोलियम में किस तरह भ्रष्टाचार व्याप्त है.