नई दिल्ली :- बरगद के पेड़ की पूजा होती आ रही है. यहां धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बरगद के पेड़ में भगवान विष्णु का वास होता है. वह आयुर्वेद में भी बरगद वृक्ष के औषधिय विशेषताओं के बारे में भी उल्लेख किया गया है .
बोकारो के वरिष्ठ आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ राजेश पाठक ने बरगद पेड़ के चमत्कारिक औषधि गुना के बारे में कहा कि बरगद का पेड़ औषधि का खजाना से भरपूर है. जो आसानी से हर जगह उपलब्ध हो जाती है. इसका उपयोग बड़ी-बड़ी बीमारियों को दूर करने के लिए किया जाता रहा है.
आर्थ्राइटिस : बरगद पेड़ के जाटवो में मौजूद औषधीय गुण जोड़ो के दर्द को कम करने में सहायक होता इसे सूजन की समस्या भी दूर होती है. इसके लिए मरीज बरगद पेड़ के दो जटवो को कूटकर 1 लिटर गर्म पानी में 60 मिनट तक अच्छे से उबालकर फिर उससे छान कर सुबह खाली पेट सेवन करें तो जोड़ों के दर्द और सूजन से राहत मिलती है
चर्म रोग में कारगर : त्वचा में जलन और खुजली के समस्या से पीड़ित लोग बरगद पेड़ की जाटाए कारगर औषधि इसके लिए जटावो को पिसकर लेप के रूप में लगाने से राहत मिलती है. त्वचा संबंधित समस्याओं से छुटकारा मिलता है
मुंह में छाले : कुछ लोगों अक्सर मुंह में छाले और सूजन की समस्या होती है. ऐसे में बरगद पेड़ के चार पत्तों को तोड़कर अगर आधे लीटर पानीमें अच्छी तरह गर्म करने के बाद एक हफ्ते तक रोजाना गागल करें तो छाले और सूजन कि समस्या दूर हो सकती है.
गर्भधारण समस्या से पीड़ित महिला अगर अंकुरित बरगद पेड़ के दो पत्तों को आधा कप दूध के साथ उबालकर पीने से महिलाओं के गर्भधारण में साहयक होती है
डैंड्रफ के समस्या से निजात : बरगद के जटावो को प्रॉसेस कर बाजार में शुद्ध तेल निकाला जाता हैं ऐसे में इस तेल के उपयोग से बाल लम्बे होते हैं और इससे डैंड्रफ कि समस्या भी दूर होती है.
डायबिटीज के समस्या से निजात : डायबिटीज से पीड़ित मरीजों को अक्सर बार बार पैसाब आने कि समस्या होती है ऐसे में बरगद के छाल को अगर गर्म पानी में धनिया के बीच के साथ काढ़ा तैयार कर सेवन किया जाए तो बार बार पैसाब आने कि समस्या से निजात मिलता है
