नई दिल्ली:– चारधाम यात्रा रूट पर स्थित चमोली जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में घोडे खच्चरों से सामान पहुंचाने के स्वरोजगार से सैकडों ग्रामीण जुडे़ हुए हैं।
हेमकुंड साहिब व केदारनाथ धाम में यात्रा के दौरान यहां से घोडे़ खच्चर ले जाकर घोड़ा संचालक व्यवसाय करते हैं, लेकिन चमोली के गौचर में दो खच्चरों में क्वाइड एनफेंजा यानि होर्स फ्लू के लक्षण पाए जाने के बाद पशु पालन स्वास्थ्य महकमा सर्तक हो गया है।
दोनों खच्चरों को किया आइसोलेट
पशु पालन विभाग द्वारा दोनों खच्चरों को आइसोलेट किया गया है। लिहाजा सभी घोडे़ खच्चरों के सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। इसके लिए विकासखंड स्तर पर पशुपालन विभाग ने दो दो टीमें बनाई है।
बताया कि मार्च माह में गौचर से घोडे़ खच्चरों के सैंपल होर्स फ्लू जांच के लिए श्रीनगर भेजे गए थे। दो खच्चरों में क्वाइड एनफेंजा यानि होर्स फ्लू पॉजटिव पाया गया है। पशुपालन विभाग द्वारा इन खच्चरों को आइसोलेट किया गया है। हालांकि अभी फिर दोबारा उनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। लेकिन इनकी जांच रिपोर्ट आनी बाकी है।
अभी तक 1870 से अधिक सैंपल जांच को भेजे
पशुपालन विभाग द्वारा घोडे़ खच्चरों में होर्स फ्लू को लेकर पूरे जिले में सैंपल लिए जा रहे हैं। इसके लिए गांव-गांव सैंपल लाने के लिए नौ विकासखंडों में 18 टीमें बनाई गई हैं। अभी तक 1870 से अधिक सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। हालांकि अभी रिपोर्ट आनी बाकी है।
अगर घोडे़ खच्चरों मे होर्स फ्लू के लक्षण मिलते हैं तो उन्हें तब तक आइसोलेट किया जाएगा, जब तक वे पॉजटिव से होर्स फ्लू निगेटिव न हो जाएं। यह बीमारी फैलने वाली है।
