नई दिल्ली:– आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। उनके परिवार के साथ-साथ पूरा देश शोक में डूबा हुआ है। हर कोई अपनी संवेदना व्यक्त कर रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी दुख जताते हुए ट्वीट किया है। अक्षय कुमार से लेकर जूनियर एनटीआर जैसे दिग्गजों ने आशा ताई को श्रद्धांजलि दी है।
आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। 11 अप्रैल को उनकी तबीयत खराब हुई, जिसके बाद उन्हें ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया। शनिवार को उनकी पोती जनाई भोसले ने सोशल मीडिया पर दिग्गज गायिका के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी शेयर करते हुए बताया था कि उन्हें ‘अत्यधिक कमजोरी’ और ‘सीने में संक्रमण’ के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। लेकिन उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया है और बॉलीवुड से लेकर साउथ सिनेमा तक में दुख की लहर दौड़ पड़ी है। आशा ताई को हर एक एक्टर श्रद्धांजलि दे रहा है।
आशा भोसले का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में सबसे अधिक गाने गाने वाली गायिका के रूप में दर्ज है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1943 में मराठी फिल्म ‘माझा बल’ के एक गाने से की थी, जब वह महज दस साल की थीं। उनके निधन से संगीत जगत शोक में डूब गया है। पीएम मोदी ने सबसे पहले उनके जाने के शोक को बयां किया है।
पीएम मोदी ने आशा भोसले के लिए जताया दुख
नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर लिखा, ‘भारत की सबसे प्रतिष्ठित और बहुमुखी आवाजों में से एक, आशा भोसले जी के निधन से मैं अत्यंत दुखी हूं। दशकों तक फैले उनके असाधारण संगीतमय सफर ने हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया और दुनिया भर में अनगिनत दिलों को छुआ। चाहे उनकी भावपूर्ण धुनें हों या जीवंत रचनाएं, उनकी आवाज में एक शाश्वत चमक थी। उनके साथ बिताए पलों को मैं हमेशा संजो कर रखूंगा। उनके परिवार, फैंस और संगीत प्रेमियों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। वे पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी और उनके गीत हमेशा लोगों के जीवन में गूंजते रहेंगे।’
अनु मलिक कहते थे मां
अनु मलिक ने सबसे पहले इस पर रिएक्ट किया। उन्होंने न्यूज 18 से बातचीत में कहा, ‘आपने मुझे ये बहुत ही दुख भरी खबर सुनाई। मैं अभी सफर में हूं और कल मुंबई पहुंचते ही उनके परिवार से मिलूंगा। मैं नंदू जी (आशा के बेटे आनंद भोसले) से बात करूंगा। मुझे पता था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। मैं बहुत दुखी हूं।’
हेमा मालिनी शोक में डूबीं
हेमा मालिनी ने लिखा, ‘आशा ताई अब हमारे बीच नहीं रहीं! मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा कि इतनी जीवंत, अपने गीतों में इतनी जान और रंग भरने वाली शख्सियत हमें शोक में छोड़कर चली गईं। मेरे लिए यह विशेष रूप से कठिन है क्योंकि आशा जी से मेरा एक भावनात्मक जुड़ाव था – उन्होंने अपनी अनूठी आवाज और शैली से मेरे कई गानों को इतना लोकप्रिय बनाया। लता जी और आशा जी दोनों से मेरा एक खास रिश्ता था, जिन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में मेरी तरक्की में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह महाराष्ट्र और पूरे भारत के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती!’
