मध्य प्रदेश:– वन क्षेत्र के मामले में मध्य प्रदेश भारत का सबसे बड़ा राज्य है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मध्य प्रदेश के किस जिले में सबसे अधिक जंगल हैं? यदि नहीं तो आइए जानते हैं.
भारत अपनी विशाल वन संपदा के लिए भी जाना जाता है. राज्य के कई जिले घने जंगलों से ढके हुए हैं, जो न केवल प्राकृतिक सुंदरता प्रदान करते हैं, बल्कि वन्यजीवों के लिए महत्वपूर्ण आवास के रूप में भी कार्य करते हैं.
राज्य के भीतर जब हम सर्वाधिक वन वाले जिले की बात करें तो बालाघाट इस सूची में सबसे ऊपर आता है. इस जिले की गिनती न केवल मध्य प्रदेश में बल्कि पूरे देश में सबसे महत्वपूर्ण वन क्षेत्रों में की जाती है.
बालाघाट जिले का 50% से भी अधिक हिस्सा जंगलों से ढका हुआ है. यहां मुख्य रूप से सागौन, साल और बांस के घने जंगल पाए जाते हैं. इन जंगलों का घनत्व इतना अधिक है कि सूरज की किरणें भी मुश्किल से ही जमीन तक पहुंच पाती हैं.
यही कारण है कि यह जिला साल भर हरा-भरा रहता है, और यहां का मौसम अन्य जिलों की तुलना में काफी ज्यादा सुहावना होता है. यहां के जंगल लगभग 4,932 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैले हुए हैं. इन घने जंगलों में तरह-तरह के पेड़ और वन्यजीव पाए जाते हैं, जिससे यह क्षेत्र जैव विविधता का एक प्रमुख केंद्र बन गया है.
अपने विशाल वन क्षेत्र के कारण बालाघाट जैव विविधता का एक केंद्र है. इसमें प्रसिद्ध कान्हा टाइगर रिजर्व का एक विस्तार भी शामिल है, जो अपने बाघों और दुर्लभ बारहसिंगा के लिए जाना जाता है.
बालाघाट के बाद क्षेत्रफल के मामले में छिंदवाड़ा, बैतूल और श्योपुर जैसे जिलों का स्थान आता है. छिंदवाड़ा में कुल वन क्षेत्र लगभग 2,458 वर्ग किलोमीटर है. बैतूल में वन लगभग 3,663 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैले हुए हैं. श्योपुर जिला अपने विशाल वन क्षेत्र और कूनो राष्ट्रीय उद्यान के लिए प्रसिद्ध है.
