नई दिल्ली:– वृंदावन के ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में ठाकुर जी बाल रूप में विराजमान हैं. ठाकुर जी को यहां बाल रूप की सेवा यहां के सेवायत पुजारी करते हैं. क्या आपने सुना है कि ठाकुर जी को पसीना आम इंसान की तरह आता होगा. मंदिर के सेवायत पुजारी ने भगवान बांके बिहारी को पसीना आने के कई कारण बताए हैं. उन्होंने यह खुलासा किया है कि ठाकुर जी को पसीना आता है.
थकने की वजह से आता है पसीनावे
वृंदावन में भगवान बांके बिहारी का विश्व प्रसिद्ध मंदिर है. हर दिन हजारों श्रद्धालु भगवान बांके बिहारी के दर्शन करने के लिए आते हैं. ठाकुर बांके बिहारी मंदिर और उनसे जुड़ा हुआ एक रहस्य का खुलासा मंदिर के सेवायत पुजारी ने किया है.
इंसान की तरह आता है पसीनाबांके बिहारी मंदिर के सेवायत पुजारी शालू गोस्वामी ने बताया कि भगवान बाल रूप में विराजमान हैं. ठाकुर जी की सेवा बाल रूप में की जाती है. ठाकुर जी को बाल भोग का प्रसाद लगाया जाता है. उन्होंने भगवान बांके बिहारी को लेकर एक खुलासा किया है. शालू गोस्वामी ने बताया कि भगवान बांके बिहारी को भी आम इंसान की तरह पसीना आता है. उन्होंने कहा कि जब वह एक दिन सेवा में थे, तो उन्हें भगवान बांके बिहारी के श्रृंगार के लिए वस्त्र उतारने थे. जैसे ही उन्होंने वस्त्र उतरे तो भगवान बांके बिहारी पसीने से लथपथ थे.
ठाकुर बांके बिहारी को पसीना आने की वजह भी शालू गोस्वामी ने बताई. उन्होंने कहा कि भगवान को पसीना इसलिए आता है कि वह हर दिन भक्तों को दर्शन देते हैं. दर्शन देते हुए वह थक जाते हैं, क्योंकि मंदिर में बाल रूप की सेवा होती है. एक बच्चा लगातार अपने भक्तों को दर्शन देता है, तो वह थक जाता है.
