नारायणपुर, 8 मार्च। नारायणपुर जिले में संचालित शासकीय उचित मूल्य की राशन दुकानों में राशनकार्ड हितग्राही राशन लेने के लिए दुकान के बाहर लाइन लगाकर तेज धूप में खड़े रहते है वही गर्मी के दिनों में तेज धूप में खड़े होकर राशन लेने के चलते कई हितग्राही बीमार भी पड़ जाते है लेकिन इन राशन दुकानों में हितग्राहीयो को तेज धूप से बचने के लिए कोई सुविधा प्रदान नही की जाती है ना ही पीने के पानी कोई व्यवस्था गर्मी के दिनों में की जाती है जिसका खामियाजा हितग्राही को भुगतना पड़ता है कई बार तो राशन के लिए हितग्राहियों को राशन दुकान बंद होने के कारण बार बार चक्कर भी काटना पड़ता है जिसकी शिकायत हितग्राहियों द्वारा किये जाने के बाद भी कोई कार्यवाही नही होने के कारण राशन दुकान के संचालकों के हौसले बुलन्द है जिसको लेकर ना ही प्रशासन ध्यान देता है और ना ही खाद्य विभाग । जिले के दोनों ब्लाकों नारायणपुर में 78 राशन दुकाने ओर ओरछा ब्लाक में 28 राशन दुकाने कुल मिलाकर जिले में 106 राशन दुकाने संचालित है जिसमे से ओरछा ब्लाक के 5 राशन दुकानों का संचालन रामकृष्ण मिशन आश्रम द्वारा किया जाता है वही लगभग 11 राशन दुकानों का संचालन सहकारी समिति व लेम्प्स द्वारा किया जाता है बाकी बचे शेष राशन दुकानों का संचालन ग्राम पंचायतों द्वारा किया जाता है । ग्राम पंचायत द्वारा संचालित राशन दुकानों का हाल सबसे ज्यादा खराब है जहां राशन दुकानों में हितग्राहियों को तेज धूप व बारिश के दिनों में खुले आसमान के नीचे लाइन लगाकर खड़े होकर गर्मी के दिनों में तेज धूप की तपिश और बारिश के दिनों में पानी की बौछारें सहकर शासन की महत्वपूर्ण योजना का लाभ लेने के लिए इन परेशानियों को हितग्राही सहकर भी चुप चाप रहते है क्योंकि अगर वे कुछ बोलेंगे तो राशन दुकान के संचालक द्वारा राशन देने के लिये घुमाया जाएगा । वही जिले में संचालित 106 राशन दुकानों में राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2017-18 से वर्ष 2022 तक लगभग 3 करोड़ रुपये वित्तीय पोषण के नाम पर प्रत्येक दुकान के आवंटन के आधार पर राशि डाली गई है उक्त राशि का उपयोग करके शासकीय राशन दुकानों में रंग रोगन , पेयजल व्यवस्था , राशन दुकान के सामने शेड का निर्माण कर हितग्राहियों को तेज धूप व बारिश से बचाने व सीसी टीवी कैमरे लगाने जैसे किये जा सकते है लेकिन वित्तीय पोषण राशि का सही उपयोग केवल रामकृष्ण मिशन आश्रम , सहकारी समिति व लेम्प्स ही कर रही गई वही ग्राम पंचायत द्वारा संचालित राशन दुकानों में वित्तीय पोषण की राशि का उपयोग कुछ दुकानों में ही किया गया है बाकी ग्राम पंचायत द्वारा वित्तीय पोषण की राशि का आहरण कर राशन दुकानों में ना करके फिजूल खर्च किये जाने के भी मामले सामने आए है । वही ओरछा ब्लाक के 28 दुकानों में से अधिकत्तर दुकानों में से वित्तीय पोषण की राशि दुकान संचालक व सचिव सरपंच मिलकर बंदरबांट किये जाने के भी मामले सामने आए है अगर इस वित्तीय पोषण की राशि का उपयोग कर राशन दुकान के हितग्राहियों की सुविधा के लिए कार्य किया जाता तो हितग्राहियों की गर्मी व बारिश में होने वाली समस्याओं से उन्हें निदान मिल जाता ।