छत्तीसगढ़ :–‘ बिलासपुर से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दुरुपयोग का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। यहां एक रागी ने पहले धार्मिक गतिविधियों के जरिए एक परिवार से भरोसा कायम किया और फिर उसी विश्वास का फायदा उठाते हुए मां-बेटी की फर्जी अश्लील तस्वीरें बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। इस पूरे मामले में आरोपी ने पीड़ित परिवार से लाखों रुपये वसूल लिए, जबकि अब पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
कीर्तन के जरिए बढ़ाई नजदीकियां
घटना बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। पीड़ित महिला अपने परिवार के साथ यहां रहती है। पास के एक गुरुद्वारे में कीर्तन के दौरान उसकी पहचान मनिंदर सिंह नाम के एक रागी से हुई, जो अमृतसर का निवासी बताया जा रहा है। धीरे-धीरे आरोपी ने परिवार से करीबी बढ़ाई और महिला व उसकी 18 वर्षीय बेटी को शबद-कीर्तन सिखाने लगा। धार्मिक माहौल और भरोसे के चलते परिवार को उस पर किसी तरह का शक नहीं हुआ।
उधारी के बहाने रची साजिश
शुरुआत में आरोपी ने परिवार से छोटी-छोटी रकम उधार के नाम पर लेना शुरू किया। जब परिवार ने पैसे देने से मना किया, तो उसने अपना असली चेहरा दिखाना शुरू कर दिया। उसने महिला को बदनाम करने की धमकी दी और धीरे-धीरे ब्लैकमेलिंग का सिलसिला शुरू कर दिया।
AI से बनाई फर्जी अश्लील तस्वीरें
आरोप है कि आरोपी ने आधुनिक तकनीक का गलत इस्तेमाल करते हुए AI की मदद से महिला और उसकी बेटी की आपत्तिजनक फर्जी तस्वीरें और वीडियो तैयार कर लिए। इसके बाद उसने इन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर परिवार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। डर और बदनामी के भय के चलते परिवार ने अलग-अलग किस्तों में आरोपी को करीब 20 लाख रुपये दे दिए।
धमकियों से परेशान होकर घर छोड़ा
लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर पीड़ित परिवार 16 मार्च 2026 को बिलासपुर छोड़कर रायपुर चला गया। हालांकि वहां भी आरोपी ने फोन कॉल के जरिए उन्हें परेशान करना जारी रखा। पीड़िता के अनुसार, आरोपी कई बार जान से मारने की धमकी देता था और मानसिक दबाव बनाता रहा।
तलवार लेकर घर पहुंचा आरोपी
मामले ने और गंभीर रूप तब ले लिया, जब आरोपी रायपुर के तेलीबांधा इलाके में पीड़ित परिवार के घर तलवार लेकर पहुंच गया। उसने डराकर परिवार से करीब 2 लाख रुपये और वसूल लिए। इस घटना के बाद परिवार पूरी तरह भयभीत हो गया और उन्होंने पुलिस की शरण लेने का फैसला किया।
20 करोड़ रुपये की मांग से बढ़ा दबाव
आरोपी की लालच यहीं नहीं रुकी। उसने अपनी मांग बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये तक कर दी। इस लगातार बढ़ते दबाव और धमकियों से परिवार मानसिक रूप से टूट गया था। आखिरकार हिम्मत जुटाकर पीड़ित परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस जांच में जुटी, आरोपी फरार
शिकायत के बाद पहले रायपुर के तेलीबांधा थाने में मामला दर्ज किया गया, जिसे बाद में बिलासपुर के सिविल लाइन थाने ट्रांसफर कर दिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। इस बीच गुरुद्वारा कमेटी ने भी आरोपी को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी फिलहाल अमृतसर भाग गया है और वहीं से पीड़ित परिवार को धमकियां दे रहा है।
